नियम स्वच्छता और जिम्मेदारी,चारधाम पर भारी ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड राज्य में हर वर्ष चलने वाली चारधाम यात्रा का आगाज़ 19 अप्रैल 2026 से एक बार फिर हो गया है. हर वर्ष चलने वाली इस चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु देश विदेश से आकर यात्रा को सफल बना रहे है.वर्ष 2026 की यात्रा में अब महज दस दिनों में ही पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने अभी तक दर्शन भी कर लिए है.चार धाम में बढ़ती संख्या को धामी सरकार हर सम्भव मदद देने का प्रयास भी कर रही है.जहा एक तरफ भारी संख्या धामों में यात्रियों की बढ़ रही है. तो कही न कही धामों में आने वाले यात्रियों की वजह से प्रदूषण भी बढ़ता दिखाई दे रहा है. जहां केदारनाथ में ही अब तक एक सप्ताह में ही महज एक हजार किलो प्लास्टिक कचरा निकाला जा चुका है.साथ ही गंगोत्री धाम में हजारों की संख्या में तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं। ऐसे में गंगोत्री धाम में आने वाले यात्रियों की ओर से आस्था के नाम पर भागीरथी को दूषित किया जा रहा है। तीर्थ यात्री भागीरथी नदी में साड़ियां और श्रृंगार के सामान के साथ ही वहां पर स्नान के दौरान अपने पुराने अंगवस्त्र और तौलिया आदि भी नदी में बहा रहे हैं। जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आम जनता से साफ सफाई का अनुरोध किया है.वही बढ़ती श्रधालुओ की संख्या के बीच एक और बड़ा विवाद वीआईपी दर्शन को लेकर उठ गया है.वीआईपी दर्शन का विरोध अब तक आम श्रधालुओ के बीच ही देखने को मिल रहा था.लेकिन केदार नाथ से विरोध की तस्वीरें तीर्थ पुरोहित के बीच से निकलती आ रही है.जिसको लेकर पुरोहित ने bktc की कार्यशली पर सवाल खड़े करते हुए केदारनाथ में जम कर विरोध भी किया है.मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष ने भी चारधाम में वीआईपी दर्शन को लेकर साथ की साफ सफाई और व्यवस्थाओ पर सरकार से जवाब माँगा है.ऐसे में बढ़ती संख्या से दूषित हो रहे चारधाम और वीआईपी दर्शन से आने वाले समय पर आस्था पर सावल खड़े हो गए है.  

प्रदेश में चल रही चारधाम यात्रा को महज अभी दस दिन ही हुए है.चारो धामों में अपार जनसैलाब यात्रियों का उमड़ रहा है.अब तक पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु अब तक दर्शन कर चुके है.मुख्यमंत्री भी बेहतर सुरक्षित और सुगम यात्रा की बात करते दिखाई दे रहे है.लेकिन कुछ तस्वीरें बेहद चारधाम यात्रा के दौरान परेशान करने वाली आ रही है.गंगा विचार मंच की ओर से गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी में चलाए गए स्वच्छता अभियान के दौरान प्रवाहित कपड़ों के सौ बोरे एकत्रित किए गए।गंगोत्री धाम में गंगा विचार मंच की ओर से भागीरथी नदी में गंगोत्री मंदिर समिति, पुरोहित सभा, गंगोत्री नेशनल पार्क, नगर पंचायत और साधु संतों के मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान नदी में श्रद्धा के नाम पर प्रवाहित की गई साड़ियों सहित श्रृंगार के सामान को एकत्रित किया गया। साथ ही वहां पर नदी में कई पुराने अंगवस्त्र, कपड़े और तौलिया आदि भी मिले। स्थिति इतनी गंभीर है कि इस अभियान के दौरान भी यात्री गंगा में वस्त्र प्रवाहित कर रहे थे।क्या आप ही बताए ये आम नागरिक का कर्तव्य नहीं है.की वो अपने चार धामों के साथ प्रदेश और देश को साफ रखें।

देवभूमि में चार धाम यात्रा अपने चरम पर है, तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड के चार धामों के दर्शन करने आ रहे हैं. वही यात्रा शुरू होने से पहले ही सरकार ने आम जनता को अवगत कर दिया था कि वीआईपी दर्शन किसी भी हाल में एक माह के भीतर नहीं हो सकते इसलिए आप कृपया कर वीआईपी दर्शन के लिए ना आए.फिर भी इसका कोई व्यापक असर अभी तक देखने को नहीं मिला।जिसको लेकर एक बार फिर तीर्थ पुरोहितों ने चार धाम में वीआईपी दर्शन पर बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जिसका विरोध भी केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों द्वारा दिखाई देने लगा है. वहीं इस पूरे मामले पर राजनीतिक दल भी मैदान में उतर चुके हैं. एक तरफ विपक्षी दल व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है. तो वहीं भाजपा भी चार धाम पर राजनीति न करने की सलाह विपक्षी दलों को दे रही है.

कुल मिलाकर के चार धाम यात्रा ने अब अपनी गति पकड़ ली है. पिछले वर्ष 2025 में चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 52 लाख से ज्यादा थी, इस बार धामी सरकार का लक्ष्य है, कि यह आंकड़ा तोड़ दिया जाए और यही वजह है. कि लगातार श्रद्धालुओं की संख्या तो बढ़ रही है. लेकिन कहीं ना कहीं श्रद्धालुओं को भी इस बात को लेकर बेहद गंभीर होना पड़ेगा कि अगर आप चार धाम यात्रा पर आ रहे हैं. तो कम से कम चार धाम की महिमा और देवभूमि की पवित्रता को समझते हुए स्वच्छता पर ध्यान दें, इस तरीके के प्रदूषण ना फैलाएं वही बी,के,टी,सी को अपने किए गए वादे के अनुसार चार धाम यात्रा में वीआईपी दर्शन करने के फैसले पर भी गंभीरता से लेना होगा, ताकि आम श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई ठेस न पहुंचे और साथ ही चारों धामों की सुंदरता पवित्रता और आस्था देश और दुनिया में बनी रहे.

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