कैबिनेट छोड़, दिल्ली दौड़ !

Uttarakhand Desk, लोकसभा चुनाव से पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी की फिर से दिल्ली दौड़ शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री धामी प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक को छोड़कर दिल्ली रवाना हो गए…..मुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली रवाना हुए ऐसी जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री अपने दिल्ली दौरे के तहत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे….इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर समान नागरिक संहिता यानि की (यूसीसी) पर लंबी चर्चा की। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर करीब तीन घंटे तक मंत्रणा की। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से भी मुख्यमंत्री मुलाकात की ..वहीं राज्य में चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए दिल्ली में उत्तराखंड के बीजेपी सांसदों की केंद्रीय नेतृत्व के साथ 25 जुलाई को एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। बैठक में एक बार फिर लोकसभा चुनाव में हेट्रीक मारने और सांसदों की इंटरर्नल सर्वे की रिपोर्ट रखी जाएगी….साथ ही सभी पांचों सांसदों के परफोर्मेंस, सरकार और संगठन के फीडबैक पर भी आलाकमान चर्चा करेगा…..वहीं कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के सभी सांसदों की रिपोर्ट नकारात्मक है…जनता सबस सिखाने के लिए तैयार है…..इसके साथ ही कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री धामी को अबतक मंत्रिमंडल का विस्तार ना करने पर कमजोर मुख्यमंत्री करार दिया है। सवाल ये है कि क्या इन तैयारियों से भाजपा राज्य में एक बार फिर लोकसभा चुनाव में जीत की हेट्रीक मार पाएगी….

 

लोकसभा चुनाव से पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी की फिर से दिल्ली दौड़ शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री धामी प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक को छोड़कर दिल्ली रवाना हो गए…..मुख्यमंत्री रविवार को दिल्ली रवाना हुए ऐसी जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री अपने दिल्ली दौरे के तहत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे….इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर समान नागरिक संहिता यानि की (यूसीसी) पर लंबी चर्चा की। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर करीब तीन घंटे तक मंत्रणा की। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से भी मुख्यमंत्री मुलाकात करेंगे…..इसके साथ ही कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री धामी को अबतक मंत्रिमंडल का विस्तार ना करने पर कमजोर मुख्यमंत्री करार दिया है।

वहीं राज्य में चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए दिल्ली में उत्तराखंड के बीजेपी सांसदों की केंद्रीय नेतृत्व के साथ 25 जुलाई को एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। बैठक में एक बार फिर लोकसभा चुनाव में हेट्रिक मारने और सांसदों की इंटरर्नल सर्वे की रिपोर्ट रखी जाएगी….साथ ही सभी पांचों सांसदों के परफोर्मेंस, सरकार और संगठन के फीडबैक पर भी आलाकमान चर्चा करेगा…..वहीं कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के सभी सांसदों की रिपोर्ट नकारात्मक है…जनता सबस सिखाने के लिए तैयार है…..

कुल मिलाकर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में एक तरफ जहां भाजपा राज्य में जीत की हेट्रीक लगाने का दावा कर रही है.. तो दूसरी ओर कांग्रेस स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों के सहारे लोकसभा चुनाव में जीत का ख्वाब देख रही है। सवाल ये है कि आखिर क्यों कैबिनेट छोड़ मुख्यमंत्री को दिल्ली दौड़ लगानी पड़ी, क्या पार्टी के भीतर सबकुछ आल इज वेल नहीं है। सवाल तो ये भी है कि क्या पार्टी अच्छी परफोर्मेंस ना दिखाने वाले सीटिंग सांसदों के टिकट भी काटेगी…..और कांग्रेस ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद इससे क्या सीख ली है

 

 

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