Knews Desk- उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यातायात और नदी जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया है, जिसके चलते देहरादून से दिल्ली जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों को पुराने मार्ग से भेजा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दाट काली मंदिर के पास एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क खराब होने के बाद पैचवर्क का काम चल रहा है। इसी कारण देहरादून से दिल्ली की ओर जाने वाले यातायात को उत्तर प्रदेश की ओर पुराने रास्ते से निकाला जा रहा है। वहीं, दिल्ली से देहरादून आने वाले वाहनों की आवाजाही फिलहाल सामान्य रूप से जारी है।
ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि यह डायवर्जन केवल मरम्मत कार्य को सुरक्षित और जल्द पूरा करने के उद्देश्य से किया गया है। काम पूरा होने के बाद एक्सप्रेसवे पर दोनों दिशाओं में यातायात पहले की तरह बहाल कर दिया जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर लें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। वहीं, उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में अलकनंदा, मंदाकिनी और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ा है, हालांकि फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे बताया जा रहा है। लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें।
चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और उत्तराखंड घूमने पहुंचे पर्यटकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। लगातार बारिश और एक्सप्रेसवे पर जारी मरम्मत कार्य को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम और यातायात की स्थिति के अनुसार आगे जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।