Knews Desk– उत्तर प्रदेश को जल्द ही स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने वाला है। प्रदेश में लंबे समय से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर चर्चा चल रही थी और अब इस पद के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। इनमें 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण, रेणुका मिश्रा और पीयूष आनंद के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। योगी सरकार जल्द ही इनमें से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगा सकती है।

दरअसल, मौजूदा समय में डीजीपी पद को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी है। केंद्र सरकार और यूपीएससी के दिशा-निर्देशों के तहत वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और अनुभव को ध्यान में रखते हुए पैनल तैयार किया गया है। इसी प्रक्रिया के तहत तीन अधिकारियों के नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आए हैं।
राजीव कृष्ण फिलहाल प्रदेश पुलिस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और उन्हें तेजतर्रार और प्रशासनिक पकड़ वाला अधिकारी माना जाता है। कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग के कई बड़े मामलों में उनका अनुभव काफी मजबूत माना जाता है। वहीं रेणुका मिश्रा भी लंबे समय से अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं। महिला सुरक्षा और प्रशासनिक मामलों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। अगर उनका चयन होता है तो वह उत्तर प्रदेश की पहली महिला स्थायी डीजीपी बन सकती हैं। तीसरे दावेदार पीयूष आनंद भी वरिष्ठ और अनुभवी आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने कई जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। शासन स्तर पर उनकी कार्यशैली को लेकर सकारात्मक राय बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार जल्द ही इन तीन नामों का पैनल यूपीएससी को भेज सकती है। इसके बाद यूपीएससी की मंजूरी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए स्थायी डीजीपी की घोषणा की जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले पंचायत चुनाव, कानून-व्यवस्था और बड़े प्रशासनिक फैसलों को देखते हुए सरकार जल्द नियुक्ति करना चाहती है।
प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इस नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आखिर किस अधिकारी पर भरोसा जताते हैं और उत्तर प्रदेश पुलिस की कमान किसे सौंपी जाती है।