Knews Desk- अयोध्या राम मंदिर से जुड़ी VIP दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। मंदिर में सुगम दर्शन और विशिष्ट दर्शन (VIP दर्शन) पास जारी करने वाली कुछ महत्वपूर्ण ID को बंद कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के नाम से बनी दर्शन पास जारी करने वाली ID अब सक्रिय नहीं रहेंगी। इसके बाद इन ID के माध्यम से किसी भी श्रद्धालु के लिए VIP या विशेष दर्शन पास जारी नहीं किए जा सकेंगे।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुगम दर्शन और विशिष्ट दर्शन पास की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम पर सिस्टम में ID बनाई गई थीं, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पास जारी किए जाते थे। हालांकि, हाल के दिनों में इस व्यवस्था के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आने के बाद ट्रस्ट और प्रशासन ने सिस्टम में बदलाव का फैसला लिया।
सूत्रों के अनुसार, जिन तीन ID से सबसे अधिक संख्या में दर्शन पास जारी किए गए थे, उन्हें फिलहाल बंद कर दिया गया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने सिफारिश के आधार पर मिलने वाली इस सुविधा का गलत इस्तेमाल किया और बड़ी संख्या में पास जारी करवाकर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश की। इस मामले के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने पास जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाया है।
बताया जा रहा है कि पहले ट्रस्टियों या अधिकृत लोगों की सिफारिश पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पास बनाए जाते थे। लेकिन अब इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, ताकि VIP दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी तरह के अनधिकृत इस्तेमाल को रोका जा सके।
इस बदलाव का असर उन लोगों पर भी पड़ेगा, जो अब तक संबंधित ट्रस्टियों की सिफारिश के आधार पर दर्शन पास प्राप्त करते थे। ट्रस्ट से जुड़े कुछ सदस्यों की भूमिका और अधिकारों में बदलाव के बाद उनकी ID से पास जारी करने की सुविधा समाप्त कर दी गई है।
गोपाल राव को लेकर भी स्थिति चर्चा में है। ट्रस्ट की ओर से जारी जानकारी में उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची से हटाए जाने की बात कही गई है, हालांकि गोपाल राव ने इस पर सहमति नहीं जताई है। उन्होंने कहा कि वह मंदिर जाते रहेंगे और मंदिर व्यवस्था में अपना सहयोग जारी रखेंगे।
राम मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता और प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। VIP दर्शन पास प्रणाली में किया गया यह बदलाव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में पास जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त एवं डिजिटल निगरानी के तहत संचालित किए जाने की संभावना है।