KNEWS DESK: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को प्रशासन द्वारा अवैध बताते हुए ध्वस्त किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। समाजवादी पार्टी की कैराना सांसद इकरा हसन ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले को कोर्ट में ले जाने की बात कही है। वहीं बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी मस्जिदों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर सरकार से पुनर्विचार की अपील की है।
इकरा हसन ने आरोप लगाया कि मस्जिद के मामले में मुस्लिम पक्ष को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि यह धार्मिक स्थल 1947 से पहले का है और इस पर प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट लागू होता है। सांसद ने कहा कि उन्हें हाई कोर्ट जाने का अवसर भी नहीं दिया गया।
‘सरकार की मनमर्जी से नहीं चल सकता कानून’
इकरा हसन ने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर कहा कि अगर हर फैसला सरकार की इच्छा के मुताबिक ही लिया जाना है तो फिर अदालतों और न्यायिक व्यवस्था की जरूरत क्या रह जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान और कानून के शासन को कमजोर किया जा रहा है।
सपा सांसद ने यह भी कहा कि वह इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगी और इसे अपना कानूनी अधिकार बताया। उनके मुताबिक, मस्जिद को जिस तरीके से गिराया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सहारनपुर जाने से पहले हाउस अरेस्ट
मस्जिद ध्वस्तीकरण की जानकारी मिलने के बाद इकरा हसन शनिवार को सहारनपुर जाने की तैयारी में थीं। उनका उद्देश्य मौके के हालात का जायजा लेना और अधिकारियों से बातचीत करना था। लेकिन उनके रवाना होने से पहले पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई।
पुलिस ने उन्हें सहारनपुर जाने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। मौके पर उनकी मां और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी मौजूद थीं। बाद में सांसद को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई।
AIMIM ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
मामले को लेकर AIMIM ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ता शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व इस मुद्दे पर प्रभावी तरीके से सामने नहीं आया। उन्होंने अखिलेश यादव के हालिया सहारनपुर दौरे का जिक्र करते हुए सरकार के साथ कथित मिलीभगत के आरोप लगाए। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मायावती ने भी जताई नाराजगी
बसपा प्रमुख मायावती ने सहारनपुर की मस्जिद समेत उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक स्थल को अवैध बताकर जल्दबाजी में ध्वस्त करने की कार्रवाई से बचना चाहिए और विवादों के समाधान के लिए दूसरे कानूनी रास्ते तलाशने चाहिए।
मायावती ने सरकार को सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों के प्रति समान सम्मान और सुरक्षा की संवैधानिक जिम्मेदारी याद दिलाई। उन्होंने कानून के मुताबिक कार्रवाई और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील भी की।
जिला अदालत के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश को जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। शुरुआती स्तर पर राहत मिलने के बाद शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष का दावा खारिज कर दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।
कार्रवाई के बाद सहारनपुर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है।