डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खाकी की गरिमा और सरकारी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जनपद के हलधरपुर थाने के भीतर फिल्माई गई एक रील सोशल मीडिया पर तूफान मचा रही है। इस वायरल वीडियो में एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष अपने लाव-लश्कर और समर्थकों के साथ थाना परिसर को ही ‘शूटिंग स्पॉट’ बनाकर रीलबाजी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद आलाधिकारियों को इस पर कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ा।
थानेदार की गाड़ी और रौबदार अंदाज: क्या है वीडियो में?
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में भारतीय भैरव सेना पार्टी के अध्यक्ष आदित्य राजभर अपने दर्जनों समर्थकों के साथ हलधरपुर थाना परिसर के भीतर मौजूद हैं। रील को बेहद फिल्मी और दबंगई वाले अंदाज में शूट किया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ समर्थक चश्मा लगाकर बेहद स्टाइलिश अंदाज में चलते हुए पोज दे रहे हैं, तो कुछ सीधे थाना प्रभारी (एसओ) की सरकारी गाड़ी को घेरकर रौब झाड़ते दिख रहे हैं। सरकारी संस्थान की मर्यादा को ताक पर रखकर बनाए गए इस वीडियो ने इंटरनेट पर आते ही तूल पकड़ लिया।
“पूरा यूपी-बिहार चलेला राजभर से…” — बैकग्राउंड में बजा भड़काऊ गाना
इस रील को और अधिक विवादित इसका बैकग्राउंड म्यूजिक बना रहा है। वीडियो के पीछे एक भोजपुरी गाना बज रहा है, जिसके बोल सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए जातिगत दबदबे को दर्शा रहे हैं। थाने के भीतर खड़े होकर पुलिस और कानून को ही अपनी जेब में बताने वाले इस गाने पर रील बनाने को लेकर आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे थाने को व्यक्तिगत रील बनाने का अड्डा कैसे बनने दिया गया?
पुलिस अधीक्षक का कड़ा रुख, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर हो रही किरकिरी को देखते हुए मऊ के पुलिस अधीक्षक (SP) कमलेश बहादुर ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लिया है। एसपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे प्रकरण की विभागीय जांच बैठा दी है। थाना हलधरपुर के थाना अध्यक्ष कक्ष के ठीक सामने एक बाहरी व्यक्ति और उसके समर्थकों द्वारा रील बनाए जाने का मामला हमारे संज्ञान में आया है। वायरल वीडियो को मंगाकर उसकी बारीकी से समीक्षा और अवलोकन किया जा रहा है। थाना परिसर के भीतर इस तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य और लापरवाही सामने आएगी, उसके आधार पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।