Knews Desk- कानपुर चिड़ियाघर से एक अनोखी और दिलचस्प वन्यजीव अदला-बदली की तैयारी की जा रही है। एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कानपुर जू का प्रसिद्ध दरियाई घोड़ा ‘सतीश’ जल्द ही इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा, जबकि इंदौर से 3 वर्षीय एशियाई शेरनी ‘वीरा’ कानपुर लाई जाएगी। इस पूरे ट्रांसफर को सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) से मंजूरी मिल चुकी है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
700 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। दरियाई घोड़ा एक ऐसा जीव है जिसे अपनी त्वचा को नम रखने के लिए लगातार पानी की जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे सफर के दौरान हिप्पो सतीश को विशेष रूप से तैयार ट्रक में ले जाया जाएगा, जहां उसकी देखभाल के लिए अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है।

ट्रांसपोर्ट वाहन में 100-100 लीटर क्षमता वाले दो पानी के टैंक लगाए जाएंगे। इन टैंकों से स्प्रे सिस्टम के जरिए लगातार पानी की बौछार की जाएगी ताकि हिप्पो की त्वचा सूखने न पाए। इसके अलावा, यात्रा के दौरान प्रशिक्षित कीपर भी मौजूद रहेंगे, जो समय-समय पर बाल्टी से पानी डालकर सतीश को नम रखेंगे। अनुमान है कि पूरे सफर में लगभग 20 हजार लीटर पानी का उपयोग किया जाएगा। यह यात्रा बारिश के मौसम में कराई जाएगी ताकि प्राकृतिक नमी का भी फायदा मिल सके। इंदौर चिड़ियाघर प्रशासन ने हिप्पो के लिए विशेष रूप से 8×5×5.5 फीट का मजबूत पिंजड़ा तैयार किया है, जिससे उसे यात्रा के दौरान चोट न लगे और वह आराम से खड़ा और बैठ सके।
वहीं दूसरी ओर, कानपुर चिड़ियाघर के शेरों के कुनबे को मजबूत करने के लिए इंदौर से शेरनी ‘वीरा’ लाई जा रही है। पिछले कई वर्षों से कानपुर जू में शेरों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई है। हाल ही में बब्बर शेर अजय की मृत्यु के बाद यहां केवल शेर शंकर, उसकी बहन नंदिनी और मां उमा ही बचे हैं। ऐसे में नई शेरनी के आने से प्रजनन और संरक्षण कार्यक्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, यह एक्सचेंज दोनों चिड़ियाघरों के लिए फायदेमंद साबित होगा। इंदौर को युवा हिप्पो सतीश मिलेगा, जबकि कानपुर को प्रजनन क्षमता वाली युवा शेरनी वीरा प्राप्त होगी। दोनों जानवरों को स्थानांतरित करने के लिए अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा तय की गई है, ताकि यात्रा सुरक्षित रहे।
कानपुर जू के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने बताया कि सभी आवश्यक अनुमति मिल चुकी है और जल्द ही शेरनी वीरा कानपुर पहुंचेगी, जिसके बाद हिप्पो सतीश को इंदौर के लिए रवाना किया जाएगा। इंदौर जू के निदेशक उत्तम यादव ने भी इस अदला-बदली को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह अनोखा एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम देश के चिड़ियाघरों के बीच सहयोग और संरक्षण प्रयासों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।