डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के परमट क्षेत्र में बुधवार को उस समय भारी बवाल हो गया, जब एक प्राथमिक विद्यालय के सुंदरीकरण कार्य के शिलापट्ट (नाम पट्टिका) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते स्कूल परिसर किसी युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया, जहाँ जमकर नारेबाजी, धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। मामला परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय के नव-निर्माण और सुंदरीकरण कार्य से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि यह कार्य विधायक निधि से कराया जा रहा है। बुधवार को विद्यालय में इस कार्य का शिलापट्ट लगाया जाना था, जिसे लेकर दोनों दलों के बीच श्रेय लेने की होड़ मच गई। सपा कार्यकर्ताओं का दावा था कि यह उनके विधायक के प्रयासों का फल है, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकारी योजनाओं और स्थानीय भागीदारी को लेकर अपना पक्ष रखा। इसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
विधायक धरने पर बैठे, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलते ही आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वह विरोध स्वरूप स्कूल के पास ही धरने पर बैठ गए। विधायक के पहुंचते ही दूसरी ओर से भाजपा समर्थकों की संख्या भी बढ़ गई, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों के बीच घंटों तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और पुलिस की मौजूदगी में ही जमकर नारेबाजी हुई।

धक्का-मुक्की और हिरासत की कार्रवाई
हालात तब बेकाबू हो गए जब दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अंततः विधायक अमिताभ बाजपेई को हिरासत में ले लिया और उन्हें मौके से ले गई। विधायक की हिरासत की खबर फैलते ही सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
इस हंगामे के कारण विद्यालय का पठन-पाठन और आसपास का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने परमट इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी रखी जा रही है।