शिव शंकर सविता- कानपुर के सेन पश्चिम पारा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और राहत भरा मामला सामने आया है, जहां अगर कुछ मिनटों की भी देरी हो जाती, तो एक हंसता-खेलता परिवार अपने जवान बेटे को हमेशा के लिए खो देता। मंगेतर से हुए मामूली विवाद के बाद गहरे मानसिक तनाव में आए एक 30 वर्षीय युवक ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने का आत्मघाती फैसला कर लिया। युवक ने फंदा लगाने का पूरा लाइव वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। लेकिन किसे पता था कि मौत को बुलावा देने के लिए अपलोड किया गया यही वीडियो उस युवक के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा वरदान बन जाएगा। यह पूरी घटना 12 जून की रात करीब नौ बजे यशोदानगर की है। सर्वेश गौड़ (30) नाम के युवक ने जैसे ही इंस्टाग्राम पर अपने कमरे में फंदा लगाने का प्रयास करते हुए वीडियो पोस्ट किया, वैसे ही इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta) के सुसाइडल प्रिवेंशन अलर्ट सिस्टम ने इस खतरे को तुरंत भांप लिया। मेटा ने बिना एक सेकंड गंवाए उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर, लखनऊ को एक इमरजेंसी अलर्ट भेजा। इस अलर्ट में युवक की संभावित लोकेशन और आत्महत्या के प्रयास की लाइव वीडियो क्लिप शामिल थी।
लखनऊ से कानपुर तक एक्टिव हुई पुलिस, सिर्फ 7 मिनट में रेस्क्यू
लखनऊ मुख्यालय से यह खौफनाक सूचना तत्काल कानपुर पुलिस की मीडिया सेल को ट्रांसफर की गई। रात की ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक गोपी कृष्ण और कांस्टेबल शैलेंद्र सिंह ने तत्परता दिखाते हुए पलक झपकते ही युवक की सटीक लोकेशन, मोबाइल नंबर और घर का पता ट्रेस किया और इसे सेन पश्चिम पारा थाने को फॉरवर्ड कर दिया। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक कादिर खान और उपनिरीक्षक हरवीर सिंह अपनी टीम के साथ बिना सायरन बजाए हवा की रफ्तार से युवक के घर के लिए रवाना हो गए। पुलिस टीम महज 7 मिनट के भीतर युवक के कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई और फंदे पर झूलने की कगार पर खड़े युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया।
मंगेतर ने नंबर ब्लॉक किया तो डिप्रेशन में आ गया था युवक
मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद जब पुलिस ने युवक से इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह पूछी, तो उसने बताया कि उसका अपनी मंगेतर से किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हो गया था। विवाद के बाद मंगेतर ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाया और गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में चला गया। इसी हताशा में उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने का फैसला किया था। पुलिस ने युवक की काउंसिलिंग की है और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।