डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सुपुत्री पर सोशल मीडिया पर अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी करने वाले युवकों के खिलाफ कानपुर पुलिस बेहद सख्त रुख अख्तियार कर चुकी है। इस संवेदनशील मामले की संजीदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नामजद तीनों आरोपियों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीमों को सक्रिय कर दिया है। पुलिस की शुरुआती तकनीकी और डिजिटल जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। नामजद तीन आरोपियों में से एक आरोपी भारत से हजारों मील दूर अमेरिका के पेन्सिलवेनिया शहर में बैठकर इस घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहा था, जबकि बाकी दो आरोपियों में से एक उत्तर प्रदेश के जौनपुर और दूसरा अमरोहा जिले का रहने वाला है। जांच में यह भी सामने आया है कि जौनपुर का रहने वाला आरोपी पेशे से एक साधारण ऑटो चालक है।
सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव की शिकायत पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज
इस पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर सपा प्रमुख की बेटी को लेकर किए गए कुछ बेहद आपत्तिजनक और मानहानिकारक संदेशों के वायरल होने के बाद हुई। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव बंटी ने गुरुवार को कानपुर के साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भरत पटेल, नागेश्वर सिंह और विनोद कुमार यादव नामक तीन सोशल मीडिया अकाउंट धारकों को नामजद करते हुए प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की। यह रिपोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की गंभीर धाराओं, मानहानि के इरादे से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तैयार करने और छवि धूमिल करने की साजिश के तहत दर्ज की गई है। तहरीर में आरोप था कि इन तीनों सोशल मीडिया हैंडल्स से अभद्र टिप्पणी वाले संदेशों को जानबूझकर आगे (फॉरवर्ड) बढ़ाकर वायरल किया गया, जिसके बाद क्राइम ब्रांच इन तीन अकाउंट और उनकी फ्रेंड लिस्ट को खंगाल रही थी।
अमेरिका, अमरोहा और जौनपुर से जुड़े हैं आरोपियों के तार, खंगाली जा रही फ्रेंड लिस्ट
क्राइम ब्रांच की साइबर फोरेंसिक जांच में इन आरोपियों की जो भौगोलिक लोकेशन और निजी विवरण सामने आया है, उसके अनुसार तीनों आरोपी अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, इनमें से ‘भरत कुमार पटेल’ नामक फेसबुक/सोशल मीडिया अकाउंट अमेरिका के पेन्सिलवेनिया शहर से संचालित किया जा रहा है। वहीं, दूसरा आरोपी ‘नागेश्वर सिंह’ उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले का निवासी निकला है। इस मामले का तीसरा नामजद आरोपी ‘विनोद कुमार यादव’ मूल रूप से जौनपुर जिले का रहने वाला है, जो कि वर्तमान में ऑटो चालक के रूप में काम करता है। क्राइम ब्रांच की टीम अब इन तीनों अकाउंट्स के आपसी कनेक्शन और इनकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल अन्य संदिग्धों के बारे में गहनता से जानकारी जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस प्रोपेगेंडा के पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल की दोटूक: अमेरिका वाले आरोपी के लिए ‘मेटा’ मुख्यालय को मेल
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में की जा रही वैधानिक कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच की विशेष टीम सभी आरोपियों के बारे में पुख्ता डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। चूंकि मुख्य आरोपियों में से एक का अकाउंट विदेशी धरती (अमेरिका) से संचालित हो रहा है, इसलिए कानपुर पुलिस ने सोशल मीडिया की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta Headquarters) को आधिकारिक तौर पर मेल भेजकर उक्त प्रोफाइल का आईपी एड्रेस, लॉग-इन हिस्ट्री और उससे जुड़े मोबाइल नंबर की विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि अमरोहा और जौनपुर के रहने वाले दोनों आरोपियों की शिनाख्त और गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीमें रवाना कर दी गई हैं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर किसी भी महिला या बेटी के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में छिपे हों।