Knews Desk- अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से कथित चोरी और गबन के मामले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ती दिख रही है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित न रहकर पूरी दान प्रबंधन प्रणाली और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की गहन जांच में जुट गई हैं।
इस मामले में अयोध्या पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से गिरफ्तार कर्मचारियों की नियुक्ति, उनकी जिम्मेदारियों और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे यह स्पष्ट होगा कि चढ़ावे के प्रबंधन में किस स्तर पर लापरवाही या संभावित मिलीभगत हुई।
अब तक इस मामले में कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में एक और संदिग्ध की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लगभग 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में हैं, जिनकी भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां विशेष रूप से इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि दान पात्र खोलने, नकदी की गिनती, रिकॉर्ड तैयार करने और बैंक में राशि जमा कराने की पूरी प्रक्रिया में कहां चूक हुई। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, अदालत से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से भी पूछताछ की है। पूछताछ में दान की गिनती और नकदी के रखरखाव से जुड़ी प्रक्रिया में निजी एजेंसी और अन्य कर्मचारियों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके आधार पर आगे की जांच और तेज कर दी गई है। अब ट्रस्ट भी अपनी मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। नकदी से जुड़े कार्यों में लगे कुछ अनौपचारिक कर्मचारियों को हटाकर उन्हें गैर-नकदी कार्यों में स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी भी चल रही है।
जांच एजेंसियों का फोकस अब यह तय करने पर है कि पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए और किसकी लापरवाही या संलिप्तता सामने आती है। वहीं, 400 निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, उनकी ड्यूटी और गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मंदिर परिसर में चढ़ावे के आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था के दौरान निर्धारित नियमों का कितना पालन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आने वाले समय में और खुलासे तथा कार्रवाई संभव है।