डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बुधवार को प्रकृति का ऐसा खौफनाक रूप देखने को मिला, जिसे देखकर लोगों की रूह कांप गई। अचानक आए भीषण चक्रवाती तूफान ने न सिर्फ शहर और गांवों को तहस-नहस किया, बल्कि एक ऐसी हैरतअंगेज घटना को अंजाम दिया जो अब चर्चा का विषय बनी हुई है। एक बारातघर की छत बचाने की कोशिश में ‘नन्हे मियां’ नाम के शख्स टीनशेड के साथ ही हवा में कई फीट ऊपर उड़ गए।
हवा में उड़े नन्हे मियां: रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
यह पूरी घटना बरेली के एक बारातघर की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बुधवार दोपहर जब अचानक मौसम बदला और तेज बवंडर शुरू हुआ, तो बारातघर की टीनशेड उखड़ने लगी। वहां मौजूद अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, लेकिन नन्हे मियां ने साहस (या शायद स्थिति के गलत आकलन) का परिचय देते हुए टीनशेड को हाथों से पकड़कर रोकने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तूफान की रफ्तार इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते भारी-भरकम टीनशेड कागज के टुकड़े की तरह उखड़ गई। नन्हे मियां ने उसे छोड़ देने के बजाय मजबूती से पकड़े रखा और कुछ ही सेकंड में वह टीनशेड के साथ हवा में करीब 10-15 फीट ऊपर उठ गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि वह हवा में लटकते हुए दूर जाकर गिरे। इस हादसे में उनके हाथ-पैर टूट गए हैं और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें फिलहाल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
छात्रा समेत चार की जान गई
इस चक्रवाती तूफान ने केवल डराया ही नहीं, बल्कि कई परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म भी दिए हैं। जिले के अलग-अलग हिस्सों में हुए हादसों में एक 12 वर्षीय छात्रा देवकी समेत चार लोगों की मौत हो गई। भमोरा थाना क्षेत्र के हररामपुर में खेल रही देवकी पर नीम के पेड़ की भारी टहनी गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, नितोई गांव में एक वृद्ध महिला गोमती देवी के सिर पर हवा में उड़कर आई लकड़ी की बल्ली लग गई, जो उनकी मौत का कारण बनी।
अंधेरे में डूबा शहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर और देहात के सैकड़ों बिजली के पोल ताश के पत्तों की तरह ढह गए। कई इलाकों में पेड़ उखड़ने की वजह से सड़कें जाम हो गईं और घंटों तक यातायात बाधित रहा। नगर निगम और प्रशासन की टीमें देर रात तक सड़कों से मलबे और पेड़ों को हटाने का काम करती रहीं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा चक्रवात पहले कभी नहीं देखा, जिसने महज कुछ मिनटों में करोड़ों की संपत्ति और कई जिंदगियों को तबाह कर दिया।