शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानी रिश्तों, सामाजिक दबाव और मानसिक पीड़ा की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। अचलगंज थाना क्षेत्र के मोहद्दीनपुर गांव में एक 22 वर्षीय युवती ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। इस आत्मघाती कदम के पीछे की कहानी और भी ज्यादा दर्दनाक है युवती ने यह फैसला अपने मंगेतर की आत्महत्या और उसके बाद खुद पर लगे आरोपों से आहत होकर उठाया। मृत युवती कोमल की शादी गौरी त्रिभानपुर गांव के रहने वाले सूरज (25) से तय हुई थी। 16 फरवरी को दोनों की गोद भराई की रस्म भी हो चुकी थी और परिवारों में शादी की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन किसे पता था कि खुशियों की यह डोर अचानक ऐसी त्रासदी में बदल जाएगी।
मंगेतर के परिजनों ने बेटे की मौत का ठहराया जिम्मेदार, नहीं छूने दिया शव
घटना की शुरुआत बृहस्पतिवार सुबह हुई, जब सूरज ने अपने ही घर के आंगन में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के लोगों को इस घटना से गहरा सदमा लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह हैंगिंग बताई गई। बताया जा रहा है कि सूरज अपने मंगेतर को लेकर लगे कुछ आपत्तिजनक आरोपों से बेहद आहत था। उसके पिता महेश का आरोप है कि किसी अज्ञात युवक ने मोबाइल पर आपत्तिजनक संदेश भेजे थे, जिसके बाद सूरज और कोमल के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई थी। उसी बातचीत के बाद सूरज ने अपना फोन बंद कर लिया और यह खौफनाक कदम उठा लिया। सूरज की मौत की खबर जैसे ही कोमल तक पहुंची, वह बेसुध हो गई। होश आने पर उसने अपने मंगेतर को आखिरी बार देखने की जिद की। पिता उसे लेकर सूरज के घर पहुंचे, लेकिन वहां जो हुआ, उसने कोमल को अंदर तक तोड़ दिया। आरोप है कि सूरज के परिजनों ने कोमल को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया, उसे अपशब्द कहे और यहां तक कि उसे शव तक छूने नहीं दिया।
मंगेतर की मौत और सामाजिक तानों से टूटी युवती
यह अपमान और मानसिक आघात कोमल सह नहीं पाई। उसी रात उसने घर लौटकर कीटनाशक खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर खाने से मौत की पुष्टि हुई है, साथ ही शरीर पर डंडे से पिटाई के निशान भी मिले हैं, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। अब इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या कोमल को मानसिक प्रताड़ना के साथ शारीरिक हिंसा भी झेलनी पड़ी? क्या समाज के आरोप और ताने इतने भारी पड़ सकते हैं कि एक जिंदगी खत्म हो जाए? इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है।
पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल की चैट खोलेगा राज
पुलिस दोनों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है, ताकि उस बातचीत और कथित आपत्तिजनक संदेशों की सच्चाई सामने आ सके। सूरज के पिता ने भी मोबाइल की जांच की मांग की है। वहीं, कोमल के पिता का कहना है कि उनकी बेटी के पास खुद का फोन नहीं था, वह अपने भाई के फोन से ही बात करती थी। इस घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक तरफ बेटे को खोने का गम, तो दूसरी तरफ बेटी की असमय मौत का दर्द दोनों घरों की खुशियां एक ही दिन में उजड़ गईं। मां, बहन और भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। लेकिन इस घटना ने समाज को एक गहरा संदेश जरूर दिया है कभी-कभी शब्द, आरोप और सामाजिक दबाव किसी भी हथियार से ज्यादा घातक साबित हो सकते हैं।