मिशन 2024 के लिए अखिलेश का एक्शन प्लान तैयार, हर जिले में फहराएंगे समाजवाद का झंडा

मिशन 2024 की तैयारी में जुटे अखिलेश यादव हर जिले में डालेंगे डेरा

बिना चुनाव कई जिलों में तीन दिन तक जनसभा कर दिया नया संदेश

सदस्यता अभियान के बाद खुद मैदान में उतरेंगे अखिलेश यादव

छोटे दलों कि अभी भी आस रखे हुए हैं सपा मुखिया

पिछले 2 महीने से चल रहे सदस्यता अभियान को गति देंगे अखिलेश यादव

लगातार चार चुनाव हारने के बाद अखिलेश यादव चुनाव से 2 साल पहले की तैयारी में जुटे 

सपा की कमान संभालने के बाद अखिलेश यादव लगातार चार चुनाव हार चुके हैं

2014 लोकसभा चुनाव 2017 विधानसभा चुनाव कांग्रेस गठबंधन के साथ हारे 2019 लोकसभा चुनाव बसपा के साथ गठबंधन में हरे 2022 विधानसभा चुनाव सुभाष बा सहित कई दलों के साथ चुनाव लड़े और नतीजा हार मिली

चाचा को दरकिनार कर समाजवादी पार्टी की कमान संभालने के बाद अखिलेश यादव चुनाव दर चुनाव कर रहे हार का सामना लगभग सभी दलों से गठबंधन कर ने के बाद भी नहीं मिली सफलता

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। 2022 विधानसभा चुनाव हारने के बाद अखिलेश यादव ने तुरंत पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की है सदस्यता अभियान अभी चल ही रहा है लेकिन सपा सूत्रों के अनुसार सपा मुखिया जल्द ही खुद मैदान में उतरेंगे और अलग-अलग जनपदों में डेरा डालेंगे रात बिताएंगे सदस्यता अभियान को गति देंगे 2024 लोकसभा चुनाव के लिए बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और पार्टी के सिद्धांत को समझा कर 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत करने के लिए जिलों में प्रवास करेंगे।

पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि चुनावी रणभेरी बजने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक-एक जनसभा करेंगे। विधानसभा चुनाव में सत्ता से दूर रहने के बाद सपा को लोकसभा उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पार्टी संगठनात्मक इकाइयां भंग कर नए सिरे से पुनर्गठन की तैयारी में जुटी है।

समाजवादी पार्टी मिशन 2024 की तैयारी में जुट गई है। सहयोगियों के साथ छोड़ने के बाद पार्टी मुखिया की चाल बदल गई है। वे पहली बार बिना चुनाव तीन दिन से लखनऊ से बाहर हैं और विभिन्न जिलों में जनसभाएं कर रहे हैं। वे भाजपा की खामियां गिना रहे हैं और अपनी ताकत की थाह भी ले रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार सत्ताधारी भाजपा सरकार पर हमलावर है कानून व्यवस्था हत्या लूट डकैती के साथ महंगाई जैसे मुद्दों पर जिलों का दौरा कर लोगों को भाजपा की कमियां बता रहे हैं और साथ ही साथ 2022 विधानसभा चुनाव की हार के बाद 2 लोकसभा उपचुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद अपने पार्टी की था अभी ले रहे हैं।

पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि चुनावी रणभेरी बजने से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक-एक जनसभा करेंगे। विधानसभा चुनाव में सत्ता से दूर रहने के बाद सपा को लोकसभा उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पार्टी संगठनात्मक इकाइयां भंग कर नए सिरे से पुनर्गठन की तैयारी में जुटी है।

 

इस बीच विधानसभा चुनाव के दौरान सहयोगी रही सुभासपा, महान दल जैसे सहयोगी सपा शीर्ष नेतृत्व पर कई तरह के आरोप लगाए और गठबंधन से अलग हो गए। प्रसपा भी सक्रिय है। ऐसे में सपा शीर्ष नेतृत्व में बदलाव साफ दिख रहा है। वह 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए नई रणनीति से सक्रिय हो गए हैं।

चुनाव से पहले हर जिले को मथने की रणनीति
कन्नौज और आजमगढ़ के बाद अखिलेश तीन दिन से लखनऊ से बाहर हैं। नोएडा, मथुरा होते हुए उन्होंने सोमवार को औरैया में जनसभा की। इन तीनों जिलों की जनसभाओं में चुनावी मुद्दे उठाए। गांव, गरीब और युवाओं को साधने की कोशिश की। युवाओं से जुड़े मुद्दे को बार-बार दोहराकर वाहवाही लूटी। डॉ. लोहिया के साथ डॉ. आंबेडकर को भी जोड़ा और संविधान बचाने की दुहाई दी।

कुल्हड़ की चाय पीने से लेकर चाट खाने के  लिए सामान्य दुकानों पर रुके। यह पूरा घटनाक्रम अनायास नहीं है। इसके सियासी निहितार्थ हैं। पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि वे बारी-बारी से हर जिले में जनसभा करेंगे और लोगों की समस्याएं उठाएंगे। प्रदेश की सियासी नब्ज पर नजर रखने वाले सपा अध्यक्ष की सक्रियता को भविष्य की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

कई छोटे दल रहेंगे साथ
सपा से सहयोगियों के बिछड़ने के बाद कई क्षेत्रीय दल संपर्क में हैं। ये दल अलग-अलग इलाकों में सक्रिय भूमिका में हैं। ये दल कहीं जाति के आधार पर तो कहीं क्षेत्र के आधार पर संघर्ष कर रहे हैं। इन संगठनों ने सपा के साथ रहने की सहमति दी है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव के वक्त इन्हें साथ लेकर सपा अपना कारवां आगे बढ़ाएगी।

सपा मुखिया अखिलेश यादव 2024 लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति बना चुके हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार जल्द ही सपा मुखिया अखिलेश यादव जनपदों का दौरा शुरू करेंगे और ऐसा बताया गया है कि हर जिले में एक से 2 जनसभाएं करेंगे उसके अलावा अखिलेश यादव क्षेत्रीय दलों की तलाश में भी है जो जाती है आधार पर उनके सिद्धांतों के साथ चलेंगे उनसे 2024 लोकसभा चुनाव में गठबंधन भी करेंगे। पार्टी सूत्रों का दावा है कि अखिलेश यादव जिस तरह से पिछले 15 दिनों से अलग-अलग जल पदों का दौरा की है वैसे ही आगामी कुछ दिनों तक और कुछ जनपदों का दौरा करेंगे उसके बाद अपने संगठन को मजबूत कराने के लिए पार्टी के सभी संगठनों का गठन कर नई कमेटी बनाएंगे क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है ऐसे में अखिलेश यादव के सामने नए प्रदेश अध्यक्ष की भी चुनौती पहाड़ जैसी खड़ी है प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद ही अखिलेश यादव अलग-अलग जनपदों में प्रवास करेंगे और हर जिले में एक से 2 जनसभाएं करेंगे । पार्टी के कुछ सूत्र तो यही बता रहे हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव केवल राष्ट्रीय लोकदल के साथ ही गठबंधन करेंगे 2000 17:00 से 22:00 के बीच बसपा कांग्रेश सुभाष का महान दल जैसे तमाम पार्टियों से गठबंधन का अनुभव उनका ठीक नहीं रहा है इसलिए अखिलेश यादव ने यह भी निर्णय लिया है कि 2024 लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक दल से ही गठबंधन करेंगे और किसी भी दल के साथ 2024 में चुनाव नहीं लड़ेंगे।

एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ताओं का मजबूत किला चुनाव दर चुनाव सफलता दिला रही है वहीं अब अखिलेश यादव जी बूथ स्तर तक अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुट गए हैं।