Knews Desk– जानकारी के मुताबिक, यह हादसा रविवार देर रात करीब 1:30 बजे हुआ। धान से लदा ट्रक छिनोर की ओर से आ रहा था। जिस सड़क पर दुर्घटना हुई, वहां भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद ट्रक पुलिस बैरिकेड और चेकपॉइंट को पार करते हुए सड़क पर पहुंच गया। बताया गया कि ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और वहां से गुजर रहे श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद ट्रक मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से टकरा गया, जिससे परिसर के आसपास भी नुकसान हुआ।
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, हादसे के बाद कुल 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 14 लोगों की मौत हो गई। घायलों में पांच से छह लोगों की हालत गंभीर है। कुछ घायलों की हड्डियां टूट गई हैं, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं। इस दुर्घटना में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और अन्य वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। उन्होंने कहा कि सुबह करीब 1:30 बजे सूचना मिली थी कि छिनोर की ओर से मंदिर की तरफ आ रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर लगातार बाईं ओर मुड़ता चला गया। इसके बाद दुर्घटना की सूचना मिलने पर राहत कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। कलेक्टर के मुताबिक, इस हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच से छह मरीज गंभीर रूप से घायल हैं।
घटना के बाद प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवरात्रि के दौरान सड़क पर लगाए गए बैरिकेड और पुलिस चेकपॉइंट को पार करके ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि उस सड़क पर पुलिस चौकी और स्टॉपर लगाए गए थे। ऐसे में ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय है।प्रशासन ने ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम भी भेजी है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रक में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं और वह अचानक बाईं ओर क्यों मुड़ गया। जांच के निष्कर्षों के आधार पर हादसे के कारणों को स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
वहीं, अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, डॉक्टरों की टीम घायलों की आवश्यक जांच कर रही है। उनकी चोटों का आकलन करने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे कराए जा रहे हैं, ताकि जरूरत के अनुसार इलाज किया जा सके। गंभीर रूप से घायल मरीजों को विशेष चिकित्सा देखभाल दी जा रही है।हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रक अचानक वहां पहुंचा और दुकानों के साथ आसपास मौजूद लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, कुछ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उसने बताया कि घटना रात करीब एक बजे हुई थी और ट्रक ओवरलोडेड था। ट्रक अचानक आया और दुकानों तथा लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। इस हादसे में प्रत्यक्षदर्शी का भाई भी घायल हुआ है।ग्वालियर में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले मार्ग पर प्रतिबंध होने के बावजूद भारी वाहन वहां तक कैसे पहुंचा। फिलहाल पुलिस, प्रशासन और आरटीओ की टीमें दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही हैं। वहीं, अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।