Knews Desk- मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। भर्ती जांच के दौरान 9 अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद उन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, NHM द्वारा डॉक्टरों की भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के शैक्षणिक और अनुभव संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई। विस्तृत जांच में कुल 9 उम्मीदवारों के दस्तावेज फर्जी या संदिग्ध पाए गए।
अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने गलत जानकारी देकर चयन प्रक्रिया में शामिल होने की कोशिश की थी। सत्यापन में अनियमितता सामने आते ही उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पदों पर किसी भी तरह की फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉक्टरों की भर्ती में योग्य और प्रमाणित उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दस्तावेज सत्यापन और अधिक सख्त कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते फर्जी दस्तावेजों का पता चल जाने से अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति रोकी जा सकी।
फिलहाल संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है। यदि फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस घटना ने भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेज सत्यापन की अहमियत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।