Knews Desk– उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बस अड्डों के कायाकल्प के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके पहले चरण के पायलट प्रोजेक्ट के तहत पांच बस स्टेशनों को प्रीमियम सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। इनमें लखनऊ के जानकीपुरम और कैसरबाग बस अड्डे के अलावा एनसीआर के नोएडा, खुर्जा और बुलंदशहर बस स्टेशन शामिल हैं। परिवहन निगम ने इन पांचों बस स्टेशनों के विकास का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया है।अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना पर काम शुरू किया जा सकता है। योजना का उद्देश्य बस स्टेशनों पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है।
इस परियोजना के तहत बस अड्डों पर यात्रियों के बैठने के लिए वातानुकूलित वेटिंग हॉल बनाए जाएंगे। टिकट खरीदने के लिए आधुनिक काउंटर और बसों के आगमन व प्रस्थान की जानकारी देने के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए जाएंगे। इसके अलावा साफ-सुथरे शौचालय और लगेज काउंटर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बस स्टेशनों पर रेस्टोरेंट, कॉफी शॉप, फास्ट फूड आउटलेट, शॉपिंग क्षेत्र, होटल और मेडिकल स्टोर की व्यवस्था भी की जाएगी।यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रस्तावित सुविधाओं में बैंक, एटीएम, इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, बस पार्किंग, टैक्सी और ऑटो स्टैंड शामिल हैं। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग, पुलिस बूथ, सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं के शुरू होने से यात्रियों को बस का इंतजार करने और यात्रा से जुड़ी दूसरी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
परिवहन निगम इस परियोजना को PPP मॉडल पर लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत विकास का पूरा खर्च निजी कंपनियां उठाएंगी। इसके बदले संबंधित बस स्टेशनों को 90 वर्ष की लीज पर दिए जाने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से परिवहन निगम को परियोजना शुरू होने से पहले 207.67 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है। इसके बाद विभाग को हर साल वार्षिक शुल्क भी मिलता रहेगा।योजना के पहले चरण में प्रदेश के 23 बस स्टेशनों पर विकास कार्य चल रहा है। इनमें लखनऊ के विभूतिखंड, चारबाग और अमौसी बस स्टेशन भी शामिल हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन स्टेशनों का काम इसी साल पूरा हो जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में 49 बस स्टेशनों के विकास के लिए टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई थी। इसके तहत 13 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन जांच के बाद पांच आवेदनों का चयन किया गया।फिलहाल, पांच नए बस अड्डों के विकास का प्रस्ताव शासन की मंजूरी के इंतजार में है। स्वीकृति मिलने और काम शुरू होने के बाद इन बस स्टेशनों पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा।