KNEWS DESK- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी के सभी स्कूलों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों और कानूनों के पालन की स्थिति की समीक्षा की जा सके।
यह निर्देश उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद जारी किए गए। बैठक में दिल्ली पुलिस के आयुक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव और शिक्षा निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विशेष रूप से Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO) के प्रावधानों के पालन की समीक्षा की गई। एलजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में इस कानून के तहत निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था, जागरूकता कार्यक्रमों और शिकायत निवारण तंत्र का विस्तृत आकलन किया जाएगा। जिन संस्थानों में नियमों के अनुपालन में कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस को स्कूलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय, जब छात्रों की आवाजाही अधिक होती है, तब अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने पर जोर दिया गया है।
प्रशासन ने महिला एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात दोहराई है। अधिकारियों ने कहा कि राजधानी में ऐसा सुरक्षित माहौल बनाया जाएगा, जहां हर बच्चा बिना डर के शिक्षा प्राप्त कर सके।
साथ ही, बैठक में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई हो सके और सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई न रहे।