जेपी नड्डा से बातचीत के बाद CJP का ऐलान, ‘मांग पूरी होने तक नहीं रुकेगा आंदोलन’

KNEWS DESK- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की। CJP नेताओं का कहना है कि उन्होंने दोपहर 12 बजे से नड्डा के आवास पर रहकर अपनी सभी मांगें सरकार के समक्ष रखीं। हालांकि, अब तक किसी भी मांग पर अंतिम सहमति या ठोस आश्वासन नहीं मिला है।

CJP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों, विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मुलाकात के दौरान जे.पी. नड्डा ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों पर उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, उन्होंने किसी भी मांग को स्वीकार करने या तत्काल कार्रवाई का कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया। CJP नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इधर, राजधानी दिल्ली में CJP के संसद मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी अस्थायी रूप से बंद किए गए।

दिनभर चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले बैरिकेड लगाए, बाद में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विभिन्न स्थानों पर धरने पर डटे रहे। CJP का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य युवाओं की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है। संगठन का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। इसी वजह से वे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि सरकार के साथ संवाद के लिए वे तैयार हैं, लेकिन केवल बातचीत से संतुष्ट नहीं होंगे। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आगे बातचीत का क्या परिणाम निकलता है। वहीं, राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *