डिजिटल डेस्क- जिस बेटी को अपनी कोख से जनम न देकर भी, मां ने 24 साल तक कलेजे का टुकड़ा बनाकर पाला… जिस बेटी की एक मुस्कान के लिए अपनी पूरी जिंदगी न्योछावर कर दी, उसी बेटी के तीखे और कड़वे शब्दों ने आज एक मां को मौत के आगोश में सोने पर मजबूर कर दिया.” बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के कोहिंडा गांव से एक ऐसी मर्मस्पर्शी घटना सामने आई है, जिसने मां-बेटी के पवित्र रिश्ते और ममता की परिभाषा को आंसुओं में डुबो दिया है. बेटी की लव मैरिज और उसके बाद फोन पर मिली दुत्कार से आहत होकर एक मां ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मृतका की पहचान रीना देवी (45) के रूप में हुई है, जिन्होंने भागलपुर के मायागंज अस्पताल में दम तोड़ दिया.
24 साल पहले उजड़ी दुनिया को रीना ने ममता से संवारा था
मृतका के पति मोहन दास ने सुबकते हुए बताया कि साल 2002 में प्रसव के दौरान उनकी पहली पत्नी का निधन हो गया था. तब उनकी एक नवजात बेटी (पूजा) अनाथ हो गई थी. उस मासूम बच्ची को मां का आंचल देने के लिए मोहन ने रीना देवी से दूसरी शादी की. रीना ने कभी पूजा को यह अहसास नहीं होने दिया कि वह उसकी सौतेली मां है. उसने पूजा को अपनी सगी बेटी से बढ़कर प्यार दिया, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया और कॉलेज तक पढ़ाया. इस दौरान रीना के अपने तीन बेटे भी हुए, लेकिन पूजा के लिए उसका प्यार कभी कम नहीं हुआ.
प्रेम विवाह के बाद बेटी के इस एक वाक्य ने ले ली मां की जान
19 वर्षीय पूजा स्नातक की छात्रा थी. वह गुपचुप तरीके से गांव के ही एक युवक से प्रेम करती थी. बीती 19 तारीख को पूजा अचानक अपने प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई और दोनों ने मंदिर में शादी कर ली. इस कदम से मां रीना देवी का दिल टूट गया. वह लोक-लाज से बेपरवाह होकर बस अपनी बेटी को एक बार देखना और उसे वापस बुलाना चाहती थी. पति मोहन दास उसे बार-बार समझा रहे थे कि “अब उससे नाता तोड़ लो”, लेकिन एक मां का दिल कहाँ मानने वाला था. रीना लगातार बेटी से संपर्क करने की कोशिश करती रही. आखिरकार जब फोन पर बात हुई, तो रीना ने रोते हुए बेटी से कहा, “बेटा, तुमको बचपन से उंगली पकड़कर पाल-पोसकर बड़ा किया, आज तुमने अपने मन से शादी कर ली? एक बार हमारी इज्जत के बारे में तो सोचती.” परिजनों के मुताबिक, उधर से बेटी पूजा ने जो जवाब दिया, उसने रीना के मातृत्व को हमेशा के लिए खामोश कर दिया. पूजा ने कड़े लहजे में अपनी मां को फटकारते हुए कहा कि तुम मुझे मत बोलो. मेरी जिंदगी में अब पहले मेरे पति हैं, उसके बाद तुम…”
…और टूट गई ममता की आस
सौतेली मां का तमगा भूलकर जिस बेटी को रीना ने दुनिया माना था, उसी के मुंह से यह बात सुनकर रीना भीतर तक टूट गईं. सदमे और गहरे दुख में डूबी रीना ने घर में रखा जहर खा लिया. हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तड़पती हालत में अमरपुर अस्पताल ले गए, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें भागलपुर रेफर किया गया. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 11 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए आखिरकार अस्पताल के बिस्तर पर रीना की सांसें थम गईं. रीना देवी के तीनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं. बेटों का कहना है कि उन्हें बहन के प्रेम प्रसंग के बारे में कोई भनक नहीं थी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है और मामले की भावुक व कानूनी, दोनों पहलुओं से जांच शुरू कर दी है.