मंत्री पद बचाने की तैयारी! देवेश कुमार के इस्तीफे से दीपक प्रकाश के लिए MLC बनने का रास्ता साफ

Knews Desk- बिहार की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक गलियारों में इसे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। चर्चा है कि अब खाली हुई सीट पर उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और मौजूदा मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजा जा सकता है।

देवेश कुमार का कार्यकाल मार्च 2027 तक था, लेकिन उन्होंने तय समय से पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, वह शुक्रवार को विधान परिषद पहुंचे और सीधे सभापति के कक्ष में जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद से ही यह अटकलें तेज हो गईं कि उनकी सीट पर दीपक प्रकाश को मौका दिया जा सकता है।

दीपक प्रकाश फिलहाल बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं, लेकिन वह न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति मंत्री बनने के छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता, तो मंत्री पद पर बने रहना संवैधानिक रूप से संभव नहीं माना जाता।

ऐसे में देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद दीपक प्रकाश के लिए विधान परिषद पहुंचने का रास्ता खुलता नजर आ रहा है, जिससे उनका मंत्री पद भी सुरक्षित रह सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है मामला

दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। इस संबंध में दायर याचिका में कहा गया है कि दीपक प्रकाश पहली बार 20 नवंबर 2025 को मंत्री बने थे। बाद में सरकार के इस्तीफे के बाद उन्होंने 7 मई 2026 को दोबारा मंत्री पद की शपथ ली।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि संविधान के तहत मंत्री पद के लिए निर्धारित छह महीने की अवधि दोबारा शुरू नहीं हो सकती। इसलिए बिना किसी सदन का सदस्य बने उनका मंत्री बने रहना संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बिहार सरकार, दीपक प्रकाश और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। साथ ही अदालत ने यह भी पूछा है कि जब दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, तो वे छह महीने से अधिक समय तक मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई विधान परिषद सीट पर दीपक प्रकाश का नाम तय होता है या नहीं, क्योंकि यही फैसला उनके मंत्री पद के भविष्य पर भी असर डाल सकता है।

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