भगवान का पैसा गुल,राजनीति फुल ! 

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, देवभूमि उत्तराखंड के बैकुंठ धाम बद्रीनाथ में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में है.चढ़ावा चोरी के मामले की जांच अब तीन स्तरों पर चल रही है. शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद अब SIT ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समिति के पूर्व टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है. SIT भगवान बद्रीनाथ के खजाने के रिकॉर्ड खंगाल रही है. जांच के लिए BKTC से कई दस्तावेज मांगे गए हैं, जिन्हें उपलब्ध कराने का दावा समिति अध्यक्ष ने किया है.मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आमने-सामने हैं.गोदियाल ने आरोप लगाया कि दूसरा आरोपी खुद बता चुका है कि सभी काम BKTC अध्यक्ष के निर्देश पर होते थे इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने हेमंत द्विवेदी को पद से नहीं हटाया,यह संदेह पैदा करता है. गोदियाल के अनुसार नौटियाल की नियुक्ति 2003 में हुई थी और वे 2013 में अध्यक्ष बने,इससे पहले उनका कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था.पलटवार करते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा कि जो लोग आज चढ़ावा चोरी की बात कर रहे हैं,उनके कार्यकाल में डकैती हुई थी.उन्होंने गोदियाल पर विवेकाधीन कोष के निजी इस्तेमाल और करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए सफाई मांगी. द्विवेदी  मानना है की बद्री-केदार मंदिर समिति करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है. ऐसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक हथियार बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है.वही इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है.

बद्रीनाथ धाम के कथित चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की एस आई टी जांच लगातार आगे बढ़ रही है. अब तक बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े करीब 45 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है 12 लोगों के बयान केस डायरी में दर्ज भी किए गए हैं. लेकिन इसके बावजूद भी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की तरफ से समिति के धन का नियमों को ताक पर रखते हुए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है. वहीं पूर्व में रहे बीकेटीसी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तमाम आरोपों को निराधार बताया.और वर्तमान सरकार को इसका जिम्मेदार बताया गया है उन्होंने यहां तक कहा कि उनके पास भी कहीं ऐसे दस्तावेज है जो यह दर्शाते हैं कि पैसे की किस तरीके से बंदर बात की जा रही है.ऐसे में मंदिर के चंदे चोरी  को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.जिस पर चंदा चोरी को लेकर अन्य दल भी सरकार के विरोध में उतारते दिखाई दे रहे है.   

आपको बता दे,इस मामले का सबसे पहले खुलासा भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने किया था. संदीप खत्री ने आरोप लगाया था कि उन्हें इस तरह की जानकारी मिली है कि बदरीनाथ मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान की चोरी हो रही है. इन आरोपों के बाद उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मच गई थी. इसके बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्य जांच समिति का गठन किया था. वहीं मामला ज्यादा चर्चाओं में आया तो सरकार ने तीन सदस्य उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की. साथ ही चढ़ावा चोरी के आरोप में बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित करने के साथ ही उस पर मुकदमा भी दर्ज किया गया.लेकिन अब आस्था के साथ खिलवाड़ और राजनीति का अखाडा अब ये धाम बनते जरूर दिखाई दे रहे है. जिस पर जल्द अंकुश लगना बेहद जरुरी बन गया है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *