घर में फूट, बाहर सियासी लूट !

उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजनितिक दलों के शीर्ष नेताओं के दौरे और संगठनात्मक बैठकों का दौर जोर पकड़ने लगा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाने में जुटे हैं। इस बीच उत्तराखंड की सियासत में चुनाव से पहले एक बार फिर ED की कार्रवाई ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है।जिस पर विपक्ष के बड़े नेता सरकार की इस कारवाही से बेखौफ होने का दावा भी करते नजर आ रहे है. साथ ही कांग्रेस ED, सीबीआई की जांच का हावला देते हुए भाजपा सरकार पर सवाल खड़े करते हुए 2027 में जीत कर सरकार बनाने की बात करने के साथ पूरी तरह से चुनावी मोड में आने का दावा भी किया जा रहा है. कांग्रेस के कई नेता अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने लगे हैं. इसी क्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और उनकी पुत्रवधू बीजेपी प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं. विवाद की जड़ हरक सिंह का वह कथित बयान है, जिसमें उन्होंने यह इशारा किया था कि उनके परिवार के कुछ सदस्य ईडी की कार्रवाई के डर से कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. यही नही पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने एक और बड़ा दावा किया है कि अगर पार्टी हाईकमान उन्हें सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़वाती है, तो वह इस बात की पूरी गारंटी देते हैं, कि कांग्रेस पार्टी सहसपुर सीट 20 हजार से अधिक वोटों से जीतेगी. उन्होंने शीर्ष नेतृत्व को आश्वस्त किया है कि यदि उन्हें सहसपुर से टिकट दिया जाता है, तो यह सीट निश्चित तौर पर कांग्रेस के खाते में जाएगी. जिसके चलते हरक सिंह के इन बयानों को लेकर राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर पारिवारिक रार देखने को मिल रही है. पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और उनकी पुत्रवधू बीजेपी प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं. दरअसल, विवाद की मुख्य वजह हरक सिंह रावत के ED की कार्यवाही के डर से उनके परिवार के सदस्य भाजपा में शामिल हुए वाला बयान है। वही हरक सिंह रावत ने चुनाव का बुगुल बजने से पहले ही अपनी सीट और जीत का दावा भी पेश कर दिया है, हरक की माने तो अगर पार्टी हाईकमान उन्हें सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़वाती है, तो वह इस बात की पूरी गारंटी देते हैं कि कांग्रेस पार्टी सहसपुर सीट 20 हजार से अधिक वोटों से जीतेगी। जिस बीच भाजपा ने भी हरक उनकी पुत्रवधू व बीजेपी प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं पर दिए बयान को सीधे तौर पर अपने ऊपर हमला मानते हुए पलटवार किया है.

उत्तराखंड की सियासत में परिवार और राजनीति का रिश्ता एक बार फिर नए मोड़ पर खड़ा है। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत वर्ष 2027 की चुनावी जमीन तैयार करने में जुटे हैं, तो उनकी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं अब भाजपा की आवाज बनकर राजनीतिक मैदान में उतर रही हैं। भाजपा ने आठ नए प्रदेश प्रवक्ताओं की घोषणा की है, जिनमें अनुकृति को कोटद्वार क्षेत्र से जिम्मेदारी दी गई है। पहली नजर में यह संगठन के मीडिया तंत्र का विस्तार लगता है, लेकिन इसके बड़े राजनीतिक मायने हैं। एक ओर ससुर हरक सिंह रावत कांग्रेस के मंच से भाजपा पर निशाना साधेंगे, वहीं बहू अनुकृति उनके हमलों का भाजपा के मंच से जवाब देंगी। उत्तराखंड की राजनीति में परिवार के भीतर दो अलग राजनीतिक ध्रुवों का यह दृश्य अपने आप में असाधारण है। रिश्ते वही हैं, लेकिन राजनीतिक रास्ते अलग हैं, और अब दोनों को जनता के बीच अपनी-अपनी सियासी निष्ठा भी साबित करनी होगी। वही हरक अपनी सीट और जीत का दावा भी अपने दिए बयान पर सुर्खिया बटोर रहा है.ऐसे में इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में यह सिलसिला और तेज़ होगा. ऐसे में अब कांग्रेस हाईकमान हरक सिंह रावत के इस दावे पर कितना भरोसा जताती है और क्या उन्हें सहसपुर से चुनावी मैदान में उतारा जाता है, वही हरक सिंह रावत के यह बयान क्या कुछ असर आने वाले समय में राजनीतिक माहौल में डालेगी यह देखने वाली बात होगी।

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