उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड अपने शान्त वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य व अध्यात्म के लिए पहचाना जाता है.समय समय पर आयोजित होते धार्मिक अनुष्ठान के चलते राज्य को देवभूमि भी कहा जाता है. वही वर्तमान समय की ही बात करे तो यह समय हर वर्ष चलने वाली चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा का चल रहा है,लेकिन इस वर्ष की यात्रा राज्य सरकार के लिए चुनौतिपूर्ण बनी नज़र आ रही है. बीते दिनों दोनो यात्राओं के बीच पड़ने वाले मुख्य मार्ग कर्णप्रयाग में स्थानीय दुकानदारों और सिख यात्रियों के बीच हूआ विवाद शान्त होने के बाद अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है. क्योंकि उस दौरान सरकार के लिए बड़ी चुनौती का विषय भी बना हुआ था. वहीं अब यह विषय शान्त होने के बाद एक और नये विषय ने सरकार व आमजन को चिंता में डाल दिया है.आपको बता दे, कि राज्य के कई सरकारी संस्थानों, पर्यटक, धार्मिक स्थलों व सभी थानो को बम से उड़ाने की मेल के ज़रिये धमकी मिली है.बड़ी बात यह है कि मेल भेजनें वाले ने खुद को कथित तौर पर खालिस्तान से जुड़ा बताया है, वही पुलिस थानो को मिली धमकी सोशल मीडिया के ज़रिये दी गई है.और ख़ुफ़िया एजेंसिया सतर्क हो गई है. जांच के दौरान पुलिस को आशंका है कि कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी इस विषय पर हो सकती है.वही प्रदेशभर एक तरफ ऑपरेशन प्रहार भी चल रहा है, जिसके तहत अपराधिक तत्वों पर कार्यवाही हो रही है, लेकिन इस दौरान बम से उड़ाने की धमकी कही न कही अपने आप में चिंता का विषय तो बन ही गया है.इसके साथ साथ राजनितिक गलियारो में भी इसका सीधा असर दिखाई पड़ रहा है, विपक्ष पहले ही सरकार की कानून व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता नज़र आ रहा था, वही अब इस विषय के चलते एक बार फिर राजनितिक बयानबाज़ी भी देखने को मिल रही है.
प्रदेश के कर्णप्रयाग में बीते दिनों चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान घटित प्रकरण के शांत होते ही उत्तराखंड में बम धमकियों से सनसनी फैल गई है. बीते दिनों मसूरी नगर पालिका को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, इसके बाद हरिद्वार नगर निगम, ऋषिकेश, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को भी धमकी भरे मेल भेजे गए. मेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर खालिस्तान से जुड़ा बताया है और बदले की बात लिखी का जिक्र किया है. वहीं पुलिस थानों को धमकी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई. शुरुआती जांच में पोस्ट करने वाले की पहचान जसप्रीत सिंह, निवासी अंबाला सिटी, हरियाणा के रूप में हुई है, इसके साथ पुलिस को अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका है.लगातार मिल रही धमकियों से बड़ा खतरा मंडरा रहा है. पुलिस द्वारा जांच की जा रही है वही सरकार के मन में भी यह विषय गंभीर बना दिखाई दे रहा है. चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद सरकार सतर्क है. बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने डीजीपी दीपम सेठ से बात कर केदारनाथ व बद्रीनाथ की सुरक्षा जानकारी ली है. वही सीएम धामी ने का मानना है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए सख्ती भी करनी पड़ी तो की जाएगी. कानून व्यवस्था पर विपक्ष पहले से हमलावर है,और अब एक बार फिर सवाल दागता दिख रहा है.
चार धाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के पीक सीजन में बम धमाके के मेल ने उत्तराखंड सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी है.देवभूमि की पहचान शांति और आस्था से है, लेकिन लगातार सामने आ रहे विवाद और धमकियां इस छवि को प्रभावित कर रही हैं. सोशल मीडिया के जरिए थानों को मिली धमकी ने खतरे को और गंभीर बना दिया है. पुलिस, खुफिया एजेंसियां, आईटीबीपी और एसडीआरएफ अलर्ट पर हैं. वही ऑपरेशन प्रहार के बीच ऐसी घटनाएं विपक्ष को एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने पर मजबूर कर रही हैं, इससे पहले भी विपक्ष सरकार को घेर रहा था, अब इस मुद्दे ने सियासी बयानबाजी को और धार दे दी है. हालांकि सरकार का कहना है कि यात्रा में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी और जरूरत पड़ी तो सख्त कदम भी उठाए जाएंगे, जिसके चलते लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और देवभूमि का देवत्व दांव पर हैं. ऐसे में प्रशासन की तत्परता और सरकारी समन्वय ही तय करेगा कि यात्रा सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।