प्रशांत भूषण पर फर्जी वीडियो साझा करने का आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के कथित वीडियो को लेकर विवाद, विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास ने वीडियो को बताया AI से तैयार और फर्जी।

Knews Desk – सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के कथित फर्जी वीडियो को साझा करने के मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि इस वीडियो में लावरोव को भारत की आलोचना करते हुए दिखाया गया था। भारतीय विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास ने फैक्ट-चेक के बाद वीडियो को फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार बताया था।

साइबर निगरानी के दौरान सामने आया मामला

पुलिस के मुताबिक, 3 नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान इस मामले की जानकारी सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रशांत भूषण ने रूसी विदेश मंत्री का कथित रूप से छेड़छाड़ किया गया वीडियो साझा किया था। आरोप है कि वीडियो के जरिए भारत के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की गई।

इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR संख्या 263/26 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(1)(c), 356 और 340(2) के साथ आईटी एक्ट की धारा 66C लगाई गई है। मामले की जांच की जा रही है। FIR दर्ज होने का अर्थ आरोपों का साबित होना नहीं है।

वीडियो के साथ क्या दावा किया गया था?

प्रशांत भूषण ने कथित वीडियो साझा करते हुए दावा किया था कि रूसी विदेश मंत्री की टिप्पणी भारत के लिए एक जोरदार तमाचा है। पोस्ट के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूस को दी गई सलाह को लेकर भी सवाल उठाया गया था।

वीडियो में सर्गेई लावरोव को भारत के आंतरिक मामलों और रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत की आलोचना करते हुए दिखाया गया था। हालांकि, विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास ने वीडियो को फर्जी और AI-जनरेटेड बताया है।

मामले में पुलिस की जांच का मुख्य पहलू कथित वीडियो की प्रामाणिकता और उसे साझा किए जाने से जुड़े आरोप हैं। फिलहाल प्रशांत भूषण के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों के सत्यापन के बाद मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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