दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 की मतगणना जारी है। 12वें राउंड के बाद अध्यक्ष पद पर NSUI के विजय मीना ने ABVP के यश डबास पर बढ़त बना ली है। उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे हैं, जबकि सचिव पद पर ABVP और संयुक्त सचिव पद पर NSUI बढ़त बनाए हुए है।
Knews Desk– दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 के लिए शुक्रवार को हुए मतदान के बाद शनिवार को वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती राउंड में अध्यक्ष पद पर ABVP उम्मीदवार आगे चल रहे थे, लेकिन 10वें राउंड के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। 12वें राउंड की मतगणना के बाद अध्यक्ष पद पर NSUI के विजय मीना 14,530 वोट के साथ आगे चल रहे हैं, जबकि ABVP के यश डबास पीछे हैं।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन 18,943 वोट के साथ बढ़त बनाए हुए हैं। सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी आगे चल रही हैं, जबकि संयुक्त सचिव पद पर NSUI के गोपाल चौधरी बढ़त में हैं।
DUSU चुनाव के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई थी। इस दौरान कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नियमित कॉलेजों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक और सांध्य कॉलेजों में दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान कराया गया था।
इस बार केंद्रीय पैनल के चार प्रमुख पदों के लिए कुल 19 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए 7, उपाध्यक्ष पद के लिए 5, सचिव पद के लिए 4 और संयुक्त सचिव पद के लिए 4 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा है।
मतगणना को देखते हुए स्ट्रांग रूम और काउंटिंग सेंटर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस के अलावा आसपास के जिलों की पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 1000 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। इसके साथ ही पैरामिलिट्री बल और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है।
पिछले DUSU चुनाव में ABVP ने चार प्रमुख पदों में से तीन पर जीत दर्ज की थी, जबकि NSUI को उपाध्यक्ष पद मिला था। इस बार भी दोनों छात्र संगठनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने DUSU चुनाव से जुड़े मामले में विजय जुलूस निकालने पर रोक लगा रखी है। चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा से जुड़े मामलों में करीब 140 उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। ऐसे में नतीजे घोषित होने के बाद विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।