Knews Desk– महाराष्ट्र के नागपुर के गोधनी इलाके में सोमवार देर रात एक वॉटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस लीक होने से हड़कंप मच गया. गोधनी ग्राम पंचायत के जल शोधक संयंत्र परिसर में अचानक गैस का रिसाव होने के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी फैल गई. गैस की चपेट में आने से 60 से अधिक स्थानीय लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. प्रभावित लोगों में कई ने सांस लेने में परेशानी और बेचैनी की शिकायत की है.
घटना की जानकारी मध्यरात्रि के आसपास सामने आई. गैस रिसाव की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियां सक्रिय हो गईं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल के आसपास करीब 200 मीटर के इलाके को खाली करा लिया गया. स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और लोगों को घटनास्थल के आसपास जाने से रोक दिया गया.
नागपुर महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग की टीमें सबसे पहले मौके पर पहुंचीं और गैस रिसाव को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की. इसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी NDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया. NDRF के जवान सुरक्षा उपकरणों के साथ इलाके में अभियान चला रहे हैं. फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस गैस रिसाव को पूरी तरह रोकने और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है.गैस की चपेट में आए लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया. 60 से अधिक लोगों के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होने की जानकारी सामने आई है. प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गैस रिसाव की वास्तविक वजह क्या थी.
मनकापुर के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश कालसेकर ने घटना को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि क्लोरीन गैस के रिसाव के कारण करीब 200 मीटर के दायरे को खाली कराया गया है. उन्होंने कहा कि अब तक 60 से अधिक स्थानीय लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 11 बजे तक लोगों को इस इलाके में आने की अनुमति नहीं दी गई है.अधिकारियों के मुताबिक, NDRF की टीम लगातार मौके पर काम कर रही है और हालात पर नजर रखी जा रही है. गैस रिसाव पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद ही प्रभावित क्षेत्र को आम लोगों के लिए खोले जाने की संभावना है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें.फिलहाल इस हादसे की वजह और गैस रिसाव से हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव किस परिस्थिति में हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था. अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी.