करवा चौथ पर व्रत, पूजा और श्रृंगार के साथ पारंपरिक पकवानों का भी खास महत्व होता है। देश के अलग-अलग राज्यों में इस दिन सरगी से लेकर व्रत खोलने तक के लिए कई तरह के व्यंजन तैयार किए जाते हैं। कहीं मीठे गुलगुले और सुहाल बनाए जाते हैं, तो कहीं कढ़ी, मठरी, खीर और चूरमा थाली की शान बढ़ाते हैं। हर राज्य के खानपान में इस त्योहार की अपनी अलग पहचान देखने को मिलती है। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ पर कौन-कौन से पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं।
KNEWS DESK- करवा चौथ का पर्व विवाहित महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने से लेकर शाम की पूजा और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलने तक कई परंपराएं निभाई जाती हैं।
भारतीय त्योहारों की खासियत यह है कि धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ खानपान की परंपराएं भी पीढ़ियों से चली आ रही हैं। करवा चौथ पर भी अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्वाद और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार पकवान तैयार किए जाते हैं। कुछ व्यंजन सरगी में खाए जाते हैं, जबकि कुछ पूजा में अर्पित करने या व्रत के पारण के लिए बनाए जाते हैं।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में करवा चौथ के मौके पर मीठे पुए यानी गुलगुले बनाने की परंपरा कई जगह देखने को मिलती है। गुड़ या चीनी से तैयार किए जाने वाले ये मीठे पकवान त्योहार की मिठास बढ़ाते हैं। इसके अलावा सुहाल या मट्ठी भी बनाई जाती है, जिसे कुछ परिवारों में सास अपनी बहू को देती हैं। इसे सरगी में खाने की परंपरा भी है। व्रत खोलने के लिए कई घरों में बिना लहसुन-प्याज के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। इनमें कद्दू की सब्जी शामिल हो सकती है। मीठे पकवानों की बात करें तो कुछ जगहों पर मोहनभोग भी बनाया जाता है। हालांकि, व्यंजनों का चयन परिवार और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार बदल सकता है।
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में करवा चौथ का त्योहार पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। यहां कई परिवारों में शाम की पूजा के लिए पकवान तैयार किए जाते हैं। कुछ जगहों पर बेसन और दही से बनी कढ़ी विशेष रूप से बनाई जाती है। इसके साथ चावल या अन्य पारंपरिक व्यंजन भी परोसे जा सकते हैं। मीठे में खीर और सेवई बनाने की परंपरा भी कई घरों में देखने को मिलती है। कुछ परिवारों में करवा चौथ से एक दिन पहले रात में दूध और जलेबी खाने का रिवाज है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में खानपान की परंपराएं अलग हो सकती हैं।
पंजाब और हरियाणा
पंजाब और हरियाणा में करवा चौथ की तैयारियां सरगी से शुरू हो जाती हैं। सरगी की थाली में फेनी, मठरी, फल, मेवे और दूसरे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। फेनी को कई लोग दूध में भिगोकर खाते हैं। यह सुबह व्रत शुरू करने से पहले खाए जाने वाले पारंपरिक पकवानों में शामिल है। व्रत खोलने के लिए कुछ परिवारों में उड़द या मूंग की दाल बनाई जाती है। उड़द की दाल से तैयार मांह की दाल भी कई घरों में पसंद की जाती है। मीठे में चूरमा और खीर बनाई जा सकती है। इसके अलावा घर का बना सफेद मक्खन भी भोजन का हिस्सा होता है। इन पकवानों के जरिए त्योहार में पारंपरिक पंजाबी और हरियाणवी स्वाद देखने को मिलता है।
उत्तराखंड
उत्तराखंड में चावल से बने व्यंजनों और पारंपरिक मिठाइयों का विशेष स्थान है। यहां कुछ परिवारों में चावल के आटे से पिट्ठा या फर्रे बनाए जाते हैं। इन्हें भाप में पकाया जाता है या पानी में उबालकर तैयार किया जाता है। मीठे पकवानों में अरसा का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। यह पारंपरिक मिठाई विशेष अवसरों पर बनाई जाती है। इसके अलावा झंगोरे की खीर भी उत्तराखंड के पारंपरिक स्वादों में शामिल है। हालांकि, करवा चौथ पर इन व्यंजनों का चलन हर क्षेत्र और परिवार में एक जैसा नहीं होता।
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ के अवसर पर सरगी में फेनी या सेवई को दूध, चीनी और मेवों के साथ खाने की परंपरा कुछ परिवारों में प्रचलित है। व्रत खोलने के लिए स्थानीय परंपराओं के अनुसार सात्विक भोजन तैयार किया जाता है। हिमाचल के पारंपरिक खानपान में राजमा मद्रा की खास पहचान है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में काले चने की खट्टी सब्जी, बूंदी और मित्था यानी मीठे चावल भी बनाए जाते हैं। त्योहार पर बनने वाले व्यंजन परिवार की पसंद और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
करवा चौथ पर पकवानों का क्यों है खास महत्व?
करवा चौथ पर बनाए जाने वाले पकवान केवल भोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पारिवारिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा भी हैं। सरगी में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों से लेकर पूजा के बाद तैयार होने वाले भोजन तक, हर परिवार अपने रीति-रिवाजों के अनुसार त्योहार मनाता है। कहीं गुलगुले और सुहाल की मिठास त्योहार को खास बनाती है, तो कहीं फेनी, मठरी और खीर पारंपरिक थाली का हिस्सा होती हैं। यही विविधता भारतीय त्योहारों को खास बनाती है।
ध्यान रखें कि यहां बताए गए पकवान अलग-अलग राज्यों में प्रचलित खाद्य परंपराओं के उदाहरण हैं। हर राज्य के सभी परिवारों में यही व्यंजन बनाना जरूरी नहीं है। करवा चौथ पर भोजन और पूजा की परंपराएं परिवार, समुदाय और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।