बच्चा मिट्टी या दीवार का प्लास्टर खाता है? ऐसे छुड़ाएं ये आदत

KNEWS DESK- बच्चों का बार-बार मिट्टी, चॉक या दीवार का प्लास्टर खाना सामान्य शरारत समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपका बच्चा बार-बार ऐसी चीजें मुंह में डालता है या उन्हें खाने की जिद करता है, तो इसके पीछे जिज्ञासा के अलावा आयरन या जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। कुछ मामलों में यह पिका (Pica) नाम की समस्या का संकेत हो सकता है, जिसमें व्यक्ति खाने योग्य न होने वाली चीजों को खाने की इच्छा महसूस करता है। ऐसे में बच्चे को डांटने के बजाय उसकी आदत को समझना और सही कदम उठाना जरूरी है।

प्यार से समझाएं, डांटने से बचें

छोटे बच्चे अक्सर आसपास की चीजों को छूकर और मुंह में डालकर उन्हें समझने की कोशिश करते हैं। अगर आपका बच्चा मिट्टी या दीवार का प्लास्टर खाता है, तो उसे गुस्सा करने या डराने के बजाय प्यार से समझाएं कि ये चीजें खाने के लिए नहीं हैं। उसे सरल शब्दों में बताएं कि इन्हें खाने से पेट में परेशानी या शरीर में नुकसान हो सकता है।

बच्चे को खेल और दूसरी गतिविधियों में व्यस्त रखें

कई बार बोरियत या जिज्ञासा के कारण बच्चे मिट्टी, चॉक और प्लास्टर जैसी चीजों की ओर आकर्षित होते हैं। ऐसे में उन्हें रंग भरने, ब्लॉक्स से खेलने, पजल हल करने और दूसरी उम्र के अनुकूल गतिविधियों में व्यस्त रखें। बच्चे के साथ समय बिताने से भी उसका ध्यान ऐसी चीजों से हटाने में मदद मिल सकती है।

बच्चे के खानपान पर दें खास ध्यान

मिट्टी या दूसरी गैर-खाद्य चीजें खाने की आदत कभी-कभी आयरन या जिंक की कमी से जुड़ी हो सकती है। इसलिए बच्चे के आहार में दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। हालांकि, केवल खानपान में बदलाव करने से समस्या ठीक हो जाएगी, यह जरूरी नहीं है। पोषक तत्वों की कमी का पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

घर में मिट्टी और उखड़े प्लास्टर से रखें दूर

अगर बच्चा दीवार को खुरचकर प्लास्टर खाता है, तो उस हिस्से की मरम्मत करवाएं और बच्चे की पहुंच से ऐसी जगहों को दूर रखें। घर के फर्श और खेलने की जगह को साफ रखें। मिट्टी, चॉक, पेंट के उखड़े टुकड़े और अन्य गैर-खाद्य वस्तुएं बच्चे की पहुंच से दूर रखें, ताकि गलती से उन्हें निगलने का खतरा कम हो।

बच्चे की आदत और व्यवहार पर नजर रखें

ध्यान दें कि बच्चा किस समय और किन परिस्थितियों में मिट्टी या प्लास्टर मुंह में डालता है। क्या वह खेलते समय ऐसा करता है, बोर होने पर या बार-बार किसी खास जगह की दीवार खुरचता है? इन बातों पर ध्यान देने से उसकी आदत को समझने और उसे सही दिशा देने में मदद मिल सकती है। बच्चे को सुरक्षित विकल्प दें और ऐसी चीजें मुंह में डालने से रोकने के लिए उस पर नजर रखें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर बच्चा बार-बार मिट्टी, प्लास्टर या दूसरी गैर-खाद्य चीजें खा रहा है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार आयरन की कमी या अन्य संभावित कारणों की जांच कर सकते हैं। बच्चे को बिना डॉक्टर की सलाह के आयरन या जिंक के सप्लीमेंट न दें।

अगर बच्चे ने दीवार का पेंट या प्लास्टर निगल लिया है, खासकर पुरानी इमारत के पेंट के टुकड़े, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी या असामान्य सुस्ती होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें।

ध्यान रखें: बच्चे की इस आदत को छुड़ाने के लिए धैर्य, निगरानी और सही मार्गदर्शन जरूरी है। बार-बार ऐसा होने पर इसे केवल शरारत मानने के बजाय इसके संभावित कारण का पता लगवाएं।

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