बिहार सरकार ने राज्य-स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से सदस्यता खत्म होने के बाद लिया फैसला। इससे पहले जेडीयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया था।
Knews Desk– बिहार में मोकामा की पूर्व विधायक नीलम देवी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बिहार सरकार ने उन्हें पटना के मॉल रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है। भवन निर्माण विभाग के पत्र के मुताबिक, उन्हें 25 नवंबर 2026 तक आवास खाली करना होगा। यह कार्रवाई राज्य-स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से उनकी सदस्यता समाप्त होने के बाद की गई है।

विभाग के अनुसार, नीलम देवी को 19 मई 2026 को समिति की सदस्य के रूप में सरकारी आवास आवंटित किया गया था। इस पद का दर्जा उप-मंत्री के बराबर था। हालांकि, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने 26 अक्टूबर 2026 को जारी अधिसूचना संख्या 578 के जरिए उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी।
भवन निर्माण विभाग ने आवास आवंटन (पटना सेंट्रल पूल) नियम, 1986 के नियम 11(2) का हवाला दिया है। इसके तहत पद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकारी आवास में रहने की अनुमति केवल एक महीने तक रहती है। इसी आधार पर नीलम देवी को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवास खाली करने के लिए कहा गया है।
इससे पहले जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने उन पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए थे। जेडीयू की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के बयान के मुताबिक, अनंत सिंह ने पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया और उनके लिए प्रचार किया। जेडीयू ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना। अब सरकारी आवास खाली करने के नोटिस के बाद नीलम देवी को 25 नवंबर तक आवास छोड़ना होगा।