पाकिस्तान के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद को मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट के तहत बनाए गए डिफेंस अलायंस का पहला सेक्रेटरी जनरल नियुक्त किया गया है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए इस रक्षा समझौते के तहत गठबंधन का जनरल सेक्रेटेरिएट सऊदी अरब की राजधानी रियाद में बनाया जा रहा है। नौमान महमूद को सैन्य रणनीति, खुफिया मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का लंबा अनुभव है। उन्हें हिलाल-ए-इम्तियाज (मिलिट्री) से भी सम्मानित किया जा चुका है।
Knews Desk– पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को मक्का में इस रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते में प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में इसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह व्यवस्था नाटो के आर्टिकल-5 के समान बताई गई है। समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच साझा सुरक्षा, सामूहिक रक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना है।
इस समझौते में भविष्य में अन्य देशों और पक्षों के गठबंधन में शामिल होने की संभावना भी रखी गई है। 31 अगस्त को इस्तांबुल में गठबंधन की पहली बैठक हुई थी। इस दौरान तीनों देशों के अधिकारियों ने गठबंधन की संस्थागत व्यवस्था तैयार करने पर चर्चा की। इसी बैठक में तय किया गया था कि गठबंधन का पहला सेक्रेटरी जनरल पाकिस्तान से होगा।
नौमान महमूद का पाकिस्तान सेना में लंबा और महत्वपूर्ण करियर रहा है। उन्हें सितंबर 1987 में बलूच रेजिमेंट में कमीशन मिला था। उन्होंने क्वेटा के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मिस्र के कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और इस्लामाबाद स्थित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की। उनके पास वॉर स्टडीज में मास्टर डिग्री भी है।
उनके सैन्य करियर का एक बड़ा हिस्सा कमांड एंड स्टाफ कॉलेज से जुड़ा रहा, जहां उन्होंने अलग-अलग पदों पर अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। बाद में वह यहां चीफ इंस्ट्रक्टर भी बने। इस दौरान उन्हें सैन्य रणनीति और ऑपरेशनल प्लानिंग से जुड़े मामलों में व्यापक अनुभव मिला।
मेजर जनरल के पद पर रहते हुए नौमान महमूद ने उत्तरी वजीरिस्तान में एक इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली। यह वह क्षेत्र है जहां पाकिस्तानी सेना लंबे समय से आतंकवाद विरोधी अभियान चलाती रही है। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एनालिसिस डायरेक्टोरेट का डायरेक्टर जनरल बनाया गया। इस पद पर उनकी जिम्मेदारियों में विदेशों से जुड़े घटनाक्रमों का राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से विश्लेषण करना और विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ संपर्क शामिल था।
अप्रैल 2019 में नौमान महमूद को लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके बाद उन्हें जनरल हेडक्वार्टर में कम्युनिकेशन एंड इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी का इंस्पेक्टर जनरल बनाया गया। दिसंबर 2019 में उन्होंने XI कॉर्प्स, पेशावर की कमान संभाली। नवंबर 2021 में इस जिम्मेदारी से हटने के बाद उन्हें इस्लामाबाद स्थित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष बनाया गया। वह यूनिवर्सिटी के 35वें प्रमुख थे।
अप्रैल 2023 में नौमान महमूद सेना से रिटायर हुए। इससे पहले 2022 में पाकिस्तान के सेना प्रमुख की नियुक्ति के दौरान उनका नाम संभावित दावेदारों में भी शामिल माना गया था।
अब मक्का डिफेंस पैक्ट के पहले सेक्रेटरी जनरल के तौर पर नौमान महमूद की जिम्मेदारी गठबंधन की संस्थागत व्यवस्था तैयार करने, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच समन्वय स्थापित करने और राजनीतिक समझौते को व्यावहारिक सुरक्षा सहयोग में बदलने की होगी।