Knews Desk- हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के खातों से जुड़े करीब 661 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस मामले में चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर के छह स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और फर्जी लेनदेन की जांच के तहत की गई है।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला IDFC First Bank और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में रखी गई सरकारी रकम के कथित गबन से जुड़ा है। जांच एजेंसी को शक है कि हरियाणा सरकार के कई विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन की संस्थाओं के खातों से धन को संदिग्ध तरीके से दूसरी जगहों पर ट्रांसफर किया गया। इस मामले से आठ हरियाणा सरकारी विभाग और चंडीगढ़ प्रशासन की दो संस्थाएं प्रभावित बताई जा रही हैं।
छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों, निजी कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली। जांच एजेंसी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटा रही है। बताया जा रहा है कि नोएडा स्थित एक कंसल्टेंसी कंपनी और उसके निदेशक भी जांच के दायरे में हैं।
इस घोटाले की शुरुआत फरवरी 2026 में सामने आई थी, जब हरियाणा सरकार के खातों में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं का पता चला। आरोप है कि बैंक अधिकारियों, कुछ सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों और लेनदेन के जरिए सरकारी धन को इधर-उधर किया गया। मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और सीबीआई चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
हाल ही में हुई फोरेंसिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि घोटाला कुछ व्यक्तियों की मिलीभगत का परिणाम था, हालांकि जांच एजेंसियां अभी पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। सीबीआई का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।