ग्रेटर नोएडा में मजदूरों के लिए बड़ी सौगात, बनेंगे 5 हजार तक EWS फ्लैट्स; मिलेंगी ये सुविधाएं

KNews Desk: ग्रेटर नोएडा में रोजगार की तलाश में आने वाले प्रवासी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत की बड़ी पहल की गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में श्रमिकों के लिए किफायती आवास, अस्थायी आश्रयस्थल, आवासीय भूखंडों की समयसीमा बढ़ाने और NDRF को आवास उपलब्ध कराने समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।

प्राधिकरण की योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए करीब 4,000 से 5,000 किफायती फ्लैट्स बनाए जाएंगे। इन फ्लैट्स का आकार करीब 30 से 40 वर्गमीटर रखा जाएगा। परियोजना के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पतवाड़ी में करीब 44,750 वर्गमीटर और ईस्ट क्षेत्र के बिरौंदी गांव के पास करीब 18,000 वर्गमीटर जमीन चिह्नित की गई है।

फ्लैट्स में मिलेंगी रोजमर्रा की सुविधाएं

इन बहुमंजिला आवासीय परिसरों में सिर्फ घर ही नहीं होंगे, बल्कि निवासियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सोसायटी में लिफ्ट, दूध और सब्जी के बूथ के साथ दैनिक जरूरत के सामान की दुकानें उपलब्ध कराने की योजना है।

अप्रैल में जिले में हुए व्यापक श्रमिक आंदोलन और शासन की ओर से मिले दिशा-निर्देशों के बाद प्राधिकरण ने कम आय वाले परिवारों के लिए किफायती आवास की योजना तैयार की है। इसका उद्देश्य महंगे बिल्डर फ्लैट्स का खर्च वहन न कर पाने वाले परिवारों को सस्ता आवास उपलब्ध कराना है।

बाहर से आने वाले मजदूरों के लिए बनेंगे ट्रांजिट हॉस्टल

ग्रेटर नोएडा में काम की तलाश में बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए भी प्राधिकरण ने व्यवस्था करने का फैसला किया है। ‘उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ की योजना के तहत अस्थायी आश्रयस्थल यानी ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जाएंगे।

इसके लिए इकोटेक-6 और इकोटेक-11 में 3,000-3,000 वर्गमीटर के भूखंड चिह्नित किए गए हैं। इन जमीनों को श्रम विभाग को निशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा। इसके बाद श्रम विभाग यहां ट्रांजिट हॉस्टल तैयार करेगा। इससे नए आने वाले मजदूरों को महंगे होटल या अन्य महंगे ठिकानों पर रहने की मजबूरी से राहत मिल सकेगी।

मकान पूरा करने के लिए 30 जून 2028 तक का समय

आवासीय भूखंडों के आवंटियों को भी प्राधिकरण ने राहत दी है। बोर्ड ने मकान का निर्माण पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए अंतिम अवसर के तौर पर 30 जून 2028 तक समय बढ़ाने को मंजूरी दी है।

आवंटियों को इस अवधि के दौरान प्रचलित विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा। अगर निर्धारित समय सीमा तक भी कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया, तो संबंधित आवंटी का भूखंड निरस्त किया जा सकता है।

NDRF को मिलेंगे 30 फ्लैट

आपदा और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए NDRF को भी आवासीय सुविधा दी जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने NDRF की 8वीं वाहिनी, गाजियाबाद के रीजनल रेसपॉन्स सेंटर के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में 30 फ्लैट निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इन फ्लैट्स में तैनात NDRF जवान रह सकेंगे। हालांकि, इन आवासों में जवानों के परिवारों को रहने की अनुमति नहीं होगी।

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