Knews Desk– शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे! इंडिया’ को रिलीज हुए 19 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन फिल्म का जादू आज भी दर्शकों के बीच कायम है. फिल्म की कहानी, शाहरुख खान का किरदार और महिला हॉकी टीम की जर्नी ने इसे बॉलीवुड की यादगार फिल्मों में शामिल कर दिया. फिल्म में हॉकी टीम की कप्तान विद्या शर्मा का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस विद्या मालवडे ने फिल्म की 19वीं सालगिरह पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने फिल्म की शूटिंग से जुड़े कई ऐसे किस्से बताए, जिन्हें जानकर फैंस भी हैरान रह जाएंगे.विद्या मालवडे ने अपने पोस्ट में बताया कि ‘चक दे! इंडिया’ उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जिंदगी का बेहद खास हिस्सा है. उन्होंने फैंस का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि करीब दो दशक बीत जाने के बाद भी लोग उन्हें उनके फिल्मी किरदार ‘विद्या शर्मा’ के नाम से याद करते हैं. एक्ट्रेस ने इसे अपने माता-पिता के आशीर्वाद, मेहनत और दर्शकों के प्यार का नतीजा बताया.
फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले किसी को अंदाजा नहीं था कि ‘चक दे! इंडिया’ आगे चलकर इतनी बड़ी फिल्म बन जाएगी. विद्या के मुताबिक, फिल्म में काम करने वाली सभी अभिनेत्रियां शुरुआत में सिर्फ अपने किरदार और हॉकी सीखने पर ध्यान दे रही थीं. इसके लिए पूरी टीम ने करीब एक साल तक हॉकी की ट्रेनिंग ली थी. खिलाड़ियों को अलग-अलग सेट प्ले सिखाए जाते थे और शूटिंग के दौरान भी वे लगातार हॉकी की प्रैक्टिस करती रहती थीं.विद्या ने बताया कि उन्हें कई बार यह तक पता नहीं होता था कि मैदान पर कैमरे कहां लगाए गए हैं. उनका पूरा ध्यान हॉकी खेलने और अपने किरदार को बेहतर तरीके से निभाने पर रहता था. करीब एक साल की ट्रेनिंग के बाद फिल्म की शूटिंग लगभग छह महीने तक चली. खास बात यह थी कि जिस दिन किसी एक्ट्रेस का शूट नहीं होता था, तब भी वह सेट पर पहुंचकर बाकी खिलाड़ियों के साथ हॉकी की प्रैक्टिस करती थी.
फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसका फाइनल हॉकी मैच था. क्लाइमैक्स में भारतीय महिला हॉकी टीम का मुकाबला बेहद रोमांचक तरीके से दिखाया गया है. विद्या ने खुलासा किया कि इस पूरे मैच को शूट करना बिल्कुल आसान नहीं था. टीम करीब छह हफ्तों तक ऑस्ट्रेलिया में रही, जहां फिल्म के क्लाइमैक्स की शूटिंग की गई.विद्या के मुताबिक, फाइनल हॉकी मैच की शूटिंग लगातार 15 रातों तक चली थी. यानी जिस मैच को दर्शकों ने फिल्म में कुछ मिनटों में देखा, उसे पर्दे पर उतारने के लिए कलाकारों और पूरी टीम को कई रातों तक मेहनत करनी पड़ी. इस शूट में ऑस्ट्रेलिया और कोरिया की टीमों के अलावा दूसरी महिला हॉकी खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया था.
विद्या ने यह भी बताया कि फिल्म में नजर आने वाली 16 लड़कियों के बीच सिर्फ कैमरे के सामने ही बॉन्डिंग नहीं थी. लंबे समय तक साथ ट्रेनिंग और शूटिंग करने की वजह से उनके बीच वास्तविक जिंदगी में भी गहरी दोस्ती बन गई. फिल्म खत्म होने के करीब दो दशक बाद भी वे सभी एक-दूसरे के संपर्क में हैं.आज ‘चक दे! इंडिया’ को रिलीज हुए 19 साल हो गए हैं, लेकिन फिल्म से जुड़े ये किस्से बताते हैं कि पर्दे पर दिखी उस शानदार हॉकी टीम के पीछे कलाकारों और पूरी टीम की कितनी लंबी और मेहनत भरी तैयारी थी. यही मेहनत फिल्म के क्लाइमैक्स को इतना यादगार बनाने में कामयाब रही.