पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ने फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। 23 अक्टूबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म में उनके व्यक्तित्व और क्रिकेट से जुड़े प्रसंगों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल पर आपत्ति जताई गई। हालांकि, अदालत ने 22 अक्टूबर को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
Knews Desk – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज रोकने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है। गांगुली और फिल्म प्रोडक्शन हाउस लव फिल्म्स एलएलपी ने फिल्म की रिलीज को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया था। याचिका में गांगुली के व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों के कथित उल्लंघन और उनकी प्रस्तावित बायोपिक के लिए प्रोडक्शन हाउस के विशेष कॉन्ट्रैक्ट अधिकारों का मुद्दा उठाया गया था। हालांकि, अदालत ने 22 अक्टूबर को फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
फिल्म ‘दूसरा’ 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की अवकाशकालीन पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि प्रथम दृष्टया सुविधा का संतुलन फिल्म के निर्माताओं के पक्ष में है। अदालत ने फिलहाल फिल्म की रिलीज रोकने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित की।
अदालत ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि फिल्म अगले दिन रिलीज होने वाली है और प्रथम दृष्टया सुविधा का संतुलन उनके पक्ष में नहीं है। पीठ ने यह भी कहा कि गांगुली के पास महत्वपूर्ण अधिकार हो सकते हैं, लेकिन अदालत फिलहाल फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगा रही है।
अदालत के इस रुख के बाद फिल्म की निर्धारित रिलीज का रास्ता फिलहाल साफ हो गया है। हालांकि, मामले में उठाए गए अधिकारों से जुड़े सवालों पर आगे सुनवाई होनी है।
क्या है सुविधा का संतुलन?
सुविधा का संतुलन एक कानूनी कसौटी है, जिसका इस्तेमाल अदालतें अंतरिम निषेधाज्ञा यानी किसी काम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला करते समय करती हैं। इसके तहत अदालत यह आकलन करती है कि रोक नहीं लगाने पर याचिकाकर्ता को कितना संभावित नुकसान होगा और रोक लगाने पर दूसरे पक्ष को कितना नुकसान उठाना पड़ सकता है।
लव फिल्म्स एलएलपी भी मुकदमे में शामिल
सौरव गांगुली के साथ उनके जीवन पर प्रस्तावित बायोपिक की निर्माता कंपनी लव फिल्म्स एलएलपी भी इस मामले में शामिल है। गांगुली की ओर से आरोप लगाया गया कि फिल्म में उनके लाइव इवेंट्स और क्रिकेट से जुड़े प्रसंगों का बिना उचित अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें नेटवेस्ट क्रिकेट सीरीज के फाइनल में उनकी कप्तानी और लॉर्ड्स में शर्टलेस सेलिब्रेशन जैसे प्रसंग शामिल हैं।
वहीं, ‘दूसरा’ के निर्माताओं के वकील ने अदालत में कहा कि यह फिल्म गांगुली की बायोपिक नहीं है। उनके मुताबिक, फिल्म में गांगुली से जुड़ी कुछ वीडियो क्लिप का इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक अनुमति ली गई है। निर्माताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि फिल्म की रिलीज से ठीक पहले मुकदमा दायर करने से उन्हें नुकसान हो सकता है। वकील ने बताया कि फिल्म के प्रदर्शन के लिए 100 से अधिक सिनेमाघर बुक किए जा चुके हैं और अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका है।
दूसरी ओर, गांगुली के वकील ने उनके व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों के उल्लंघन की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने के लिए गांगुली से अनुमति नहीं ली गई और उनके जीवन पर आधारित एक अलग फिल्म पहले से बन रही है। वकील ने यह भी दलील दी कि ‘दूसरा’ का प्रचार गांगुली के नाम और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने फिल्म की रिलीज टालने के लिए निर्माताओं को अग्रिम भुगतान की राशि चुकाने की पेशकश भी की।
क्या है फिल्म ‘दूसरा’ की कहानी?
‘दूसरा: इंडियाज अदर फ्रीडम स्ट्रगल’ को राजस्थान की एक मध्यवर्गीय लड़की की कहानी बताया जा रहा है, जो भारत के पूर्व कप्तान से जुड़े कुछ खेल आयोजनों से प्रेरित होकर क्रिकेट की दुनिया में कदम रखती है। अभिनय देव के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्लबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल और समिधा गुरु मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से अदालत के इनकार के बाद अब यह देखना अहम होगा कि आगे की सुनवाई में गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों और फिल्म में इस्तेमाल की गई सामग्री को लेकर क्या रुख सामने आता है।