Knews Desk-देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के चलते स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों को लेकर बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इस साल तापमान में तेजी से वृद्धि होने के कारण राज्य सरकारें और शिक्षा विभाग छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई राज्यों में जहां छुट्टियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं, वहीं कुछ जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। भीषण गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है। ऐसे में खासकर स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। कई स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ जैसी व्यवस्था लागू की गई है ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पीते रहें और डिहाइड्रेशन से बच सकें।

राज्यवार स्थिति पर नजर डालें तो ओडिशा, छत्तीसगढ़ और केरल जैसे राज्यों में गर्मी की छुट्टियां समय से पहले ही शुरू कर दी गई हैं। ओडिशा सरकार ने 27 अप्रैल 2026 से ही सभी स्कूल बंद करने का फैसला लिया, जबकि छत्तीसगढ़ में 20 अप्रैल से 15 जून तक छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश में अभी स्कूल पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं, लेकिन समय में बदलाव किया गया है। कई शहरों में स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ही चल रहे हैं। वहीं अनुमान है कि यहां 20 मई से 15 जून 2026 तक गर्मी की छुट्टियां रहेंगी
राजस्थान में भी सरकार ने पहले ही समर वेकेशन का शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य में 17 मई से 20 जून तक स्कूल बंद रहेंगे। इसी तरह मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, जैसे भोपाल, में छोटे बच्चों (नर्सरी से कक्षा 8 तक) के लिए अस्थायी रूप से स्कूल बंद किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी का असर तेज है। यहां स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां आमतौर पर मई के दूसरे सप्ताह से शुरू होती हैं। इस साल भी लगभग 11 मई के आसपास छुट्टियां शुरू होने की संभावना है और ये करीब 50 दिनों तक चल सकती हैं, जैसा कि पिछले वर्षों में देखा गया है।
इसके अलावा उत्तराखंड जैसे राज्यों में छुट्टियां घोषित करने के बजाय स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। सुबह जल्दी स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है ताकि बच्चे तेज धूप से बच सकें। देशभर में गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकारें लचीला रवैया अपना रही हैं। कहीं छुट्टियां पहले कर दी गई हैं, तो कहीं स्कूल टाइमिंग बदली गई है। इन सभी कदमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से सुरक्षित रखना है। आने वाले दिनों में तापमान के अनुसार और भी फैसले लिए जा सकते हैं।