KNews Desk: NEET PG 2026 परीक्षा को दोबारा कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता और उनके वकील को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला जयपुर के कुछ परीक्षा केंद्रों पर बिजली कटौती के कारण उम्मीदवारों को हुई परेशानी से जुड़ा था। याचिका में सभी उम्मीदवारों के लिए NEET PG परीक्षा दोबारा कराने की मांग की गई थी।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि जयपुर के सीतापुरा स्थित iON डिजिटल जोन परीक्षा केंद्रों पर आंतरिक बिजली कटौती के कारण करीब 2,500 उम्मीदवार अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। इसके बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज यानी NBEMS ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया। यह परीक्षा 5 सितंबर को आयोजित की जानी है।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि परीक्षा में आई समस्या सिर्फ जयपुर तक सीमित नहीं थी। वकील ने अदालत को बताया कि नोएडा समेत देश के करीब 34 परीक्षा केंद्रों पर भी बिजली कटौती से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। इसी आधार पर सभी छात्रों के लिए परीक्षा दोबारा कराने की मांग की गई थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान NBEMS की ओर से इस दावे का विरोध किया गया।NBEMS के वकील ने बताया कि देशभर में NEET PG परीक्षा के लिए कुल 1,111 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली गुल होने के कारण परीक्षा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर परीक्षा कराने के लिए तमाम प्रयास किए गए, लेकिन बिजली की समस्या के चलते प्रभावित उम्मीदवार परीक्षा पूरी नहीं कर सके। NBEMS ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता खुद प्रभावित उम्मीदवारों में शामिल नहीं हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं की स्थिति पर भी सवाल उठाया। जस्टिस आलोक अराधे ने पूछा कि क्या जनहित याचिका दायर करने वाले लोग खुद NEET PG परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने जवाब दिया कि वे परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे हैं। यह जवाब सुनने के बाद बेंच ने याचिका की मंशा और उसके आधार पर गंभीर सवाल उठाए।जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने याचिकाकर्ता और वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे वे हर परीक्षा के मामले में मुकदमेबाजी करने के लिए आगे आ जाते हैं। अदालत ने रिट अधिकार क्षेत्र के कथित दुरुपयोग पर भी नाराजगी जताई। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि मामले में वकील के आचरण को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सामने मुद्दा उठाया जाएगा।
कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि अगर केवल कुछ अतिरिक्त मामले सामने आए थे तो इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की ओर से शिकायत करने और अदालत में मामला लाने की जरूरत क्यों पड़ी। बेंच ने टिप्पणी की कि ऐसी याचिकाओं से परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और बड़ी संख्या में छात्रों को नुकसान पहुंच सकता है। अदालत ने इसी वजह से याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।इस फैसले के बाद फिलहाल NEET PG 2026 की पूरी परीक्षा दोबारा कराने की मांग खारिज हो गई है। जयपुर के बिजली कटौती से प्रभावित उम्मीदवारों के लिए NBEMS की ओर से घोषित 5 सितंबर की दोबारा परीक्षा अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।