Delhi High Court में CJP नेताओं Saurav Das और Ashutosh Ranka की हिरासत और जमानत से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान उनकी उम्र को लेकर टिप्पणी सामने आई। अदालत ने दोनों की उम्र पूछने के बाद कहा, “आप Gen-Z नहीं हैं।” सुनवाई में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, पीस बॉन्ड और हिरासत बढ़ाए जाने से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठे।
Knews Desk – Delhi High Court में 21 अक्टूबर को Cockroach Janta Party (CJP) के नेताओं Saurav Das और Ashutosh Ranka की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई थी। उनकी ओर से वकील Abhik Chimni ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों की उम्र पूछी। वकील की ओर से सौरव दास की उम्र 27 वर्ष और आशुतोष रांका की उम्र 31 वर्ष बताई गई। इस पर अदालत ने टिप्पणी की, “Then you are not Gen-Z.” सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि प्रदर्शन का उद्देश्य क्या था और संगठन की भूमिका क्या है।
अदालत ने यह भी सवाल किया कि जब जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डीनोटिफाई कर दिया गया था, तो दोनों वहां क्यों गए। सुनवाई में बैरिकेड पार करने और कथित तौर पर पीस बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने को लेकर भी सवाल उठाए गए। अदालत ने कहा कि बैरिकेड किसी उद्देश्य से लगाए जाते हैं और उन्हें तोड़ने से स्थिति बिगड़ने की आशंका हो सकती है।
मामले में दोनों नेताओं ने अपनी हिरासत बढ़ाने और जमानतदारों से जुड़ी कार्रवाई को चुनौती दी थी। उनकी ओर से दलील दी गई कि जमानतदारों को अस्वीकार करने की प्रक्रिया उचित नहीं थी और हिरासत जारी रखने से उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। वहीं, अधिकारियों की ओर से पीस बॉन्ड के कथित उल्लंघन और दोबारा शांति भंग होने की आशंका का हवाला दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अदालत की टिप्पणियों और कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी याचिका वापस ले ली। इस मामले में अदालत की टिप्पणियां सुनवाई के दौरान सामने आए सवालों से जुड़ी हैं; इन्हें अंतिम दोष-निर्धारण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।