Knews Desk- ‘तहलका’ मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार को निचली अदालत का फैसला पलटते हुए तरुण तेजपाल को दुष्कर्म (रेप) के मामले में दोषी करार दे दिया है।
मापुसा सेशंस कोर्ट ने मई 2021 में तेजपाल को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए तेजपाल को दोषी पाया है। अब अदालत तेजपाल को मिलने वाली सजा पर अलग से सुनवाई करेगी।
‘पीड़िता का ही ट्रायल कर दिया’: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में तर्क दिया कि सेशंस कोर्ट ने आरोपी का निष्पक्ष ट्रायल करने की जगह पीड़िता के ही चरित्र और घटना के बाद के व्यवहार की जांच शुरू कर दी थी। निचली अदालत ने तेजपाल के उस ‘माफीनामे वाले ई-मेल’ जैसे अहम सबूत को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था, जो उन्होंने घटना के बाद पीड़िता को भेजा था।
क्या था पूरा विवाद?
यह मामला नवंबर 2013 का है। गोवा के एक फाइव स्टार होटल में तहलका मैगजीन का एक कार्यक्रम चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने अपनी ही जूनियर महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया था। पीड़ित महिला की शिकायत के बाद तेजपाल पर संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
फैसला सुनाए जाते समय तरुण तेजपाल कोर्ट रूम में खुद मौजूद थे। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब सभी की नजरें तेजपाल को मिलने वाली सजा पर टिकी हैं।