फरीदाबाद में पुराने नोट और सिक्के खरीदने के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। फेसबुक पर विज्ञापन देखकर एक युवक आरोपियों के संपर्क में आया। ठगों ने उसके 5 रुपये के पुराने नोट के बदले करीब 1 करोड़ रुपये मिलने का झांसा दिया और टैक्स-कस्टम समेत अलग-अलग शुल्क के नाम पर 1 लाख 2 हजार 267 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
Knews Desk- हरियाणा के फरीदाबाद में पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों-करोड़ों रुपये दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का मामला सामने आया है। साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने इस मामले में सिरसा के डींग निवासी विनोद को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-8 के रहने वाले एक युवक ने फेसबुक पर पुराने नोट और सिक्के खरीदने से जुड़ा विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में पुराने नोटों के बदले बड़ी रकम देने का दावा किया गया था। युवक ने विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क किया तो सामने वाले लोगों ने खुद को एक एक्सचेंज-बायर कंपनी से जुड़ा बताया।
बातचीत के दौरान आरोपियों ने युवक को विश्वास दिलाया कि उसके पास मौजूद 5 रुपये का पुराना नोट करीब 1 करोड़ रुपये में खरीदा जाएगा। बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में युवक आरोपियों के बताए तरीके से आगे बढ़ता चला गया।
अलग-अलग फीस के नाम पर जमा कराए पैसे
इसके बाद ठगों ने युवक से टैक्स, सिक्योरिटी, कस्टम फीस और अन्य शुल्क के नाम पर रकम मांगनी शुरू कर दी। आरोपियों के कहने पर युवक ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 लाख 2 हजार 267 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे जमा करने के बाद भी युवक को न तो पुराने नोट के बदले कोई रकम मिली और न ही आरोपियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। इसके बाद उसे अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आया आरोपी का नाम
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और पैसों के ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश करने लगी, जिनके खातों का इस्तेमाल रकम हासिल करने के लिए किया गया था।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 28 हजार रुपये विनोद के खाते में पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और फिलहाल सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके खाते में ठगी की रकम किसके जरिए पहुंची और वह इस पूरे साइबर नेटवर्क में किस भूमिका में शामिल था। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और रकम के लेनदेन से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
पुराने नोट-सिक्कों के नाम पर ठगी से रहें सतर्क
पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर पुराने नोट और सिक्कों को करोड़ों रुपये में बेचने के दावों वाले विज्ञापनों से सावधान रहने की सलाह दी है। ठग पहले बड़ी रकम का लालच देते हैं और बाद में टैक्स, रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी या कस्टम शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं।
पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर ऐसे किसी भी ऑफर पर बिना जांच के भरोसा न करें और अनजान लोगों के कहने पर किसी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें।