Knews Desk- दिल्ली हाई कोर्ट ने कमर्शियल कोर्ट की अध्यक्षता कर रहीं जिला जज वीणा रानी को निलंबित कर दिया है। हाई कोर्ट की फुल कोर्ट बैठक में यह फैसला लिया गया। वीणा रानी के खिलाफ चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय के निर्देश पर हुई विजिलेंस जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
हाई कोर्ट ने हाल ही में एक अन्य जिला जज विनय सिंघल को भी सस्पेंड किया था। इस तरह कुछ ही समय के भीतर दिल्ली न्यायिक सेवा के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
विजिलेंस जांच के बाद लिया गया फैसला
वीणा रानी के निलंबन का आदेश 15 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज की ओर से जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।
हाई कोर्ट ने यह कार्रवाई ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 और दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स, 1970 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए की है।
सस्पेंशन अवधि में नहीं छोड़ सकेंगी दिल्ली
निलंबन के दौरान वीणा रानी का मुख्यालय साकेत कोर्ट में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (मुख्यालय) के कार्यालय को बनाया गया है। आदेश के मुताबिक, वह सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना दिल्ली से बाहर नहीं जा सकेंगी।
जिला जज विनय सिंघल पर भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले जिला जज विनय सिंघल को भी निलंबित किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ ऐसे वकीलों को कोर्ट ऑक्शनियर नियुक्त किया, जो निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते थे। इसके अलावा उन पर नियमों के विपरीत भुगतान से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट की इस कार्रवाई के बाद न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, दोनों मामलों में आगे की जांच और अनुशासनात्मक प्रक्रिया के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।