Knews Desk- त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों के लिए महंगाई का झटका बढ़ता नजर आ रहा है। चीनी के दाम तेजी से बढ़ने के बाद अब गुड़ और मिठाइयों की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। जुलाई में चीनी की कीमतों में महीने-दर-महीने 2.73 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जून की 0.63 फीसदी वृद्धि के मुकाबले काफी ज्यादा है।
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला पिछले कुछ महीनों से जारी है। अप्रैल में इसके दाम महीने के मुकाबले सिर्फ 0.09 फीसदी बढ़े थे। मई में यह वृद्धि 0.44 फीसदी और जून में 0.63 फीसदी रही। जुलाई में अचानक 2.73 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानी कुछ ही महीनों में चीनी की कीमतों में तेजी की रफ्तार बढ़ गई है।सालाना आधार पर भी चीनी महंगी हुई है। जुलाई में चीनी की कीमत पिछले साल की तुलना में 4.92 फीसदी अधिक रही। जून में सालाना बढ़ोतरी 2.17 फीसदी थी। इस तरह एक महीने के भीतर चीनी की सालाना महंगाई में भी बड़ा उछाल देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी की कीमत अब 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है, जबकि जुलाई में यह करीब 48 रुपये प्रति किलो थी।
इसका असर गुड़ की कीमतों पर भी पड़ रहा है। जुलाई में गुड़ के दाम महीने-दर-महीने 1.76 फीसदी बढ़े। इससे पहले मई और जून में भी गुड़ की कीमतों में करीब 1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। सालाना आधार पर जुलाई में गुड़ की महंगाई बढ़कर 6.28 फीसदी हो गई, जबकि जून में यह 5.31 फीसदी थी।चीनी और गुड़ की बढ़ती कीमतों का असर मिठाई बाजार में भी दिखाई दे रहा है। दूध से अलग तैयार होने वाली मिठाइयों की कीमत जुलाई में 0.63 फीसदी बढ़ी। इससे पहले जून में 0.82 फीसदी और मई में 0.70 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। जुलाई में इन मिठाइयों की सालाना महंगाई 6.08 फीसदी तक पहुंच गई, जो पिछले सात महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
अब सबसे बड़ा सवाल त्योहारों के दौरान कीमतों को लेकर है। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों में मिठाइयों और चीनी की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। ऐसे में अगर मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी तेजी जारी रहती है, तो इसका सीधा असर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है।हालांकि, पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि त्योहारों के दौरान चीनी की महंगाई हर बार नहीं बढ़ी है। इस अवधि में केवल 2016, 2021 और 2022 में त्योहारों के सीजन में चीनी की महंगाई पिछले तीन महीनों के मुकाबले तेज हुई थी। बाकी सात वर्षों में इसमें कमी दर्ज की गई।इस बार स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारों की मांग बढ़ने से पहले ही चीनी, गुड़ और मिठाइयों की कीमतों में तेजी आ चुकी है। ऐसे में आने वाले महीनों में इनकी कीमतों पर नजर रहेगी। अगर मांग और कीमतों का दबाव साथ बढ़ता है, तो त्योहारों में मिठाई खरीदना आम परिवारों के लिए पहले के मुकाबले महंगा साबित हो सकता है।