शेयर बाजार में जोरदार उछाल, विदेशी निवेशकों को टैक्स राहत की उम्मीद से बदला माहौल

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1,233 अंक चढ़कर बंद हुआ। बाजार में इस उछाल के पीछे वैश्विक माहौल में सुधार और कंपनियों के बेहतर नतीजों के साथ विदेशी निवेशकों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में राहत मिलने की संभावना भी चर्चा में रही। रिपोर्ट के मुताबिक, SEBI ने विदेशी निवेशकों पर इस टैक्स को हटाने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है, हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

Knews Desk – भारतीय शेयर बाजार में नवंबर के पहले कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1,233 अंक की बढ़त के साथ 75,692.78 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में तेजी की वजह वैश्विक कारोबारी माहौल में सुधार और घरेलू कंपनियों के बेहतर नतीजों को बताया गया। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स नियमों में संभावित बदलाव की खबर ने भी बाजार का ध्यान खींचा।

SEBI ने LTCG टैक्स हटाने का दिया सुझाव

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सरकार को विदेशी निवेशकों पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पूरी तरह हटाने का सुझाव दिया है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब आगामी केंद्रीय बजट की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि, यह अभी केवल एक प्रस्ताव है और इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस साल विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 31 अरब डॉलर यानी लगभग 2.94 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। लगातार निकासी के कारण शेयर बाजार पर दबाव देखने को मिला। विदेशी निवेशकों की ओर से टैक्स व्यवस्था को सरल और अधिक अनुकूल बनाने की मांग भी उठाई जाती रही है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि SEBI ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स राहत का सुझाव दिया है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई निवेशक अपनी पुरानी म्यूचुअल फंड स्कीम बेचकर प्राप्त रकम को किसी दूसरी नई स्कीम में दोबारा निवेश करता है, तो उसे LTCG टैक्स से छूट देने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर भी अंतिम निर्णय होना बाकी है।

फिलहाल कितना लगता है LTCG टैक्स?

मौजूदा नियमों के तहत एक साल से अधिक समय तक रखे गए शेयरों पर लागू शर्तों के अनुसार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स 12.5 प्रतिशत है। वहीं, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स की दर 20 प्रतिशत है। इसके अलावा, शेयरों की खरीद-बिक्री पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) और डिविडेंड पर लागू कर नियम भी प्रभाव डालते हैं।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि सरकार विदेशी निवेशकों के लिए कैपिटल गेन्स टैक्स में राहत देने के प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन सकता है। इससे विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ने की संभावना है। हालांकि, बाजार की आगे की दिशा वैश्विक परिस्थितियों, कंपनियों के नतीजों और सरकार के अंतिम फैसले सहित कई कारकों पर निर्भर करेगी।

फिलहाल निवेशकों की नजर इस प्रस्ताव पर सरकार के रुख और आगामी बजट की घोषणाओं पर रहेगी।

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