Knews Desk- देशभर के वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख निजी ईंधन रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। यह पिछले दो वर्षों से अधिक समय में पहली बार है, जब किसी ईंधन रिटेलर ने खुदरा स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतनी बड़ी कटौती की है।
कंपनी की ओर से जारी नई कीमतें देशभर में उसके 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर लागू कर दी गई हैं। हालांकि अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और अन्य स्थानीय करों के कारण अंतिम कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
क्यों सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल?
जानकारों के अनुसार, हाल के दिनों में पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसके साथ ही ग्लोबल ऑयल मार्केट में स्थिरता लौटने लगी है। इसी का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए नायरा एनर्जी ने ईंधन की कीमतों में कटौती का फैसला लिया है।
कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें पहले की तुलना में काफी संतुलित बनी हुई हैं और रिफाइनिंग लागत पर भी दबाव कम हुआ है।
सरकारी कंपनियों ने नहीं बदले दाम
फिलहाल सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अपने दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अपनी मौजूदा कीमतें बरकरार रखी हैं। देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में से 90 प्रतिशत से ज्यादा का संचालन यही तीनों सरकारी कंपनियां करती हैं।
दिल्ली में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।
मार्च में बढ़ाए थे दाम
गौरतलब है कि इसी वर्ष मार्च में ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद नायरा एनर्जी ने सबसे पहले पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी कई चरणों में कीमतें बढ़ाईं और मई के दूसरे पखवाड़े तक पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई थी। अब कंपनी ने मार्च में की गई पूरी बढ़ोतरी वापस लेते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने का फैसला किया है।
क्या दूसरी कंपनियां भी घटाएंगी कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नायरा एनर्जी का यह फैसला आने वाले दिनों में अन्य तेल कंपनियों पर भी दबाव बना सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं, तो सरकारी तेल कंपनियां भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती पर विचार कर सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, नायरा एनर्जी की गुजरात के वाडिनार स्थित 20 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाली रिफाइनरी में मेंटेनेंस का काम भी पूरा हो चुका है। ऐसे में कंपनी अब अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन और आपूर्ति करने की स्थिति में है। बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने पूरे नेटवर्क के जरिए देशभर में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी में जुटी हुई है।
ईंधन की कीमतों में यह कटौती आम उपभोक्ताओं, परिवहन क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकारी तेल कंपनियां भी जल्द ग्राहकों को इसी तरह की राहत देंगी।