Knews Desk– एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडरी एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी SECI से 500 मेगावाट क्षमता का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इस डील के बाद सोमवार, 24 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। हालांकि, किसी भी कॉन्ट्रैक्ट का शेयर की कीमत पर सीधा और तय असर होगा, यह कहना संभव नहीं है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसने SECI की 6000 MWh एश्योर्ड पीक पावर टेंडर प्रक्रिया में 500 मेगावाट क्षमता का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह प्रक्रिया 21 अगस्त को ई-रिवर्स ऑक्शन के जरिए पूरी हुई। यह टेंडर इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम यानी ISTS से जुड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए जारी किया गया था।इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी SECI को 6 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली की सप्लाई करेगी। इस टेंडर का उद्देश्य पीक डिमांड के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। पूरी परियोजना के तहत चार घंटे तक लगातार 1500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था की जानी है, जिसमें से 500 मेगावाट की क्षमता का हिस्सा एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी की सब्सिडरी को मिला है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कंपनी के विस्तार के लिहाज से इसे अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
अब बात कंपनी के शेयर की करें तो शुक्रवार, 21 अगस्त को एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का शेयर BSE पर 0.57 फीसदी की गिरावट के साथ 91.33 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी ने नवंबर 2024 में शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसके IPO में शेयर का इश्यू प्राइस 108 रुपये था। लिस्टिंग के बाद शेयर ने 4 दिसंबर 2024 को 155.30 रुपये का रिकॉर्ड हाई बनाया था। हालांकि, इसके बाद शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और 2 फरवरी 2026 को यह 84.08 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था।
कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे भी मजबूत रहे हैं। जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही में एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 38.3 फीसदी बढ़कर 304.84 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 62.7 फीसदी बढ़कर 1,106.86 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA में भी 63.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 988.7 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का EBITDA मार्जिन 88.7 फीसदी से बढ़कर 89.3 फीसदी हो गया।500 मेगावाट के इस नए कॉन्ट्रैक्ट से कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मजबूत तिमाही नतीजे और नए प्रोजेक्ट्स कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के लिए सकारात्मक संकेत माने जा सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी स्टॉक का प्रदर्शन सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर नहीं करता। बाजार की दिशा, कंपनी के आगामी नतीजे, वैल्यूएशन और सेक्टर से जुड़े जोखिम भी शेयर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।