Knews Desk- भारत में जल्द ही प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोटों का इस्तेमाल शुरू हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में पॉलीमर आधारित नोटों को प्रचलन में लाने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय बैंक ने इस दिशा में शुरुआती स्तर पर चर्चा भी शुरू कर दी है और निकट भविष्य में एक पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरबीआई की हाल ही में पटना और मुंबई में आयोजित दो बोर्ड बैठकों में पॉलीमर नोटों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि ये नोट मौजूदा कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ और सुरक्षित हो सकते हैं। यही वजह है कि इन्हें भारतीय मुद्रा प्रणाली में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पॉलीमर नोटों की सबसे बड़ी खासियत उनकी लंबी उम्र होती है। सामान्य कागजी नोट जल्दी फट जाते हैं या खराब हो जाते हैं, जबकि प्लास्टिक आधारित नोट लंबे समय तक उपयोग में रह सकते हैं। इसके अलावा ये पानी, नमी और गंदगी से भी कम प्रभावित होते हैं। इनमें उन्नत सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की समस्या पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पॉलीमर नोटों के इस्तेमाल से लंबे समय में लागत कम हो सकती है। हालांकि शुरुआती उत्पादन लागत अधिक हो सकती है, लेकिन इनकी लंबी उम्र के कारण बार-बार नोट छापने की जरूरत कम पड़ेगी।
अच्छी बात यह है कि मौजूदा एटीएम मशीनें भी पॉलीमर नोटों को जारी करने में सक्षम बताई जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि आरबीआई के पास इस बदलाव को लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन और बुनियादी ढांचा मौजूद है।
हालांकि अभी तक आरबीआई की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में भारतीय बाजार में प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं। यह भारतीय मुद्रा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।