जेवर या दिल्ली एयरपोर्ट: कहां से हवाई यात्रा होगी सस्ती?

Knews Desk- नोएडा और दिल्ली-NCR के यात्रियों के लिए आने वाला समय हवाई यात्रा के खर्च को लेकर नई बहस लेकर आया है। बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) जल्द ही शुरू होने जा रहा है, लेकिन इसके शुल्क ढांचे को लेकर एयरलाइंस और यात्रियों में चिंता बढ़ गई है।

दिल्ली से महंगी उड़ान का डर

रिपोर्ट्स के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट पर पार्किंग और यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तुलना में काफी अधिक प्रस्तावित है। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि यदि यही संरचना लागू रही तो उड़ानों का परिचालन खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा।

पार्किंग और यूडीएफ में बड़ा अंतर

जानकारी के अनुसार, एयरबस A-321 जैसे विमान की पार्किंग फीस जेवर एयरपोर्ट पर दिल्ली की तुलना में लगभग दोगुनी बताई जा रही है। वहीं घरेलू उड़ानों के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस भी दिल्ली के मुकाबले कई गुना अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती फीस से एयरलाइंस पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और इसका असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।

एयरलाइंस की आपत्ति

प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी को पत्र लिखकर इस शुल्क संरचना पर चिंता जताई है। कंपनी का कहना है कि शुरुआती चरण में ही इतना अधिक शुल्क यात्रियों और एयरलाइंस दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कनेक्टिविटी सबसे बड़ी चुनौती

फिलहाल जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी पूरी तरह विकसित नहीं है। मेट्रो, रैपिड रेल और बस सेवाओं का काम अभी निर्माणाधीन है। इसके विपरीत दिल्ली एयरपोर्ट पहले से ही मजबूत मेट्रो और सड़क नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

15 जून से उड़ानों की शुरुआत

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, 15 जून से घरेलू उड़ानों की शुरुआत की जाएगी। शुरुआती चरण में बेंगलुरु, मुंबई, लखनऊ और हैदराबाद जैसे शहरों के लिए उड़ानें शुरू हो सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यात्रियों को अभी कुछ महीनों का इंतजार करना होगा।

यात्रियों के सामने विकल्प

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जेवर एयरपोर्ट से उड़ानें दिल्ली की तुलना में महंगी हुईं, तो यात्री फिर से दिल्ली एयरपोर्ट को प्राथमिकता दे सकते हैं। खासकर वे लोग जो बेहतर कनेक्टिविटी और कम किराए को महत्व देते हैं।

जेवर एयरपोर्ट को NCR के लिए एक बड़े हवाई केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन शुरुआती चरण में उच्च शुल्क और कनेक्टिविटी की कमी इसकी प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकती है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या यह एयरपोर्ट यात्रियों को सस्ता और सुविधाजनक विकल्प दे पाता है या नहीं।

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