करोड़ों की कमाई और दशकों लंबे फिल्मी करियर के बावजूद नाना पाटेकर सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते थे। महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा से लेकर मुंबई, पुणे और गोवा तक उनके कई ठिकाने बताए जाते हैं।
Knews Desk – भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी के साथ-साथ सादगी भरे जीवन के लिए भी जाने जाते थे। 8 अक्टूबर को उनके निधन की खबर सामने आने के बाद उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। जहां आज फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारे आलीशान बंगले और पेंटहाउस में रहते हैं, वहीं दशकों तक बॉलीवुड और मराठी सिनेमा में सक्रिय रहे नाना पाटेकर हमेशा जमीन से जुड़े नजर आए।
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर बताया जाता है। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के तटीय शहर मुरुड-जंजीरा में एक मराठी परिवार में हुआ था। उनका बचपन इसी इलाके में बीता। वह कई बार अपने इंटरव्यू में बचपन और अपने गांव से जुड़ी यादों का जिक्र कर चुके थे।
अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए मुरुड में उनका एक पारंपरिक पैतृक बंगला बताया जाता है। वह यहां अक्सर पुरानी यादों को ताजा करने और रिश्तेदारों से मिलने जाते थे।
मुंबई में 1BHK फ्लैट
मुंबई में अपने फिल्मी करियर के दौरान नाना पाटेकर किसी आलीशान विला के बजाय अंधेरी वेस्ट के एक साधारण अपार्टमेंट में रहते थे। ‘अपना घर सोसायटी’ की शीतल बिल्डिंग में स्थित यह घर करीब 750 वर्ग फीट का 1BHK फ्लैट बताया जाता है।
नाना पाटेकर ने खुद बताया था कि उन्होंने करियर के शुरुआती दौर में यह घर करीब 1.1 लाख रुपये में खरीदा था। इसकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी जाती है। वह इस घर में अपनी मां निर्मला पाटेकर के साथ रहते थे और उनके निधन के बाद भी इसी घर में अकेले रहे।
घर के इंटीरियर में भी सादगी नजर आती थी। यहां उनके अवॉर्ड्स और किताबों को रखने के लिए एक साधारण लकड़ी की शेल्फ बताई जाती है।
27 एकड़ का फार्महाउस
नाना पाटेकर की प्रॉपर्टीज में सबसे खास और चर्चित ठिकाना पुणे के पास खड़कवासला डैम के करीब स्थित 27 एकड़ का फार्महाउस बताया जाता है। शूटिंग से फुर्सत मिलने पर वह अपना काफी समय इसी फार्महाउस में बिताते थे।
इस फार्महाउस में 7 कमरे और एक बड़ा हॉल बताया जाता है। इसे पारंपरिक टेराकोटा फ्लोरिंग और लकड़ी के बीम के साथ रस्टिक अंदाज में डिजाइन किया गया है।
27 एकड़ की जमीन पर नाना स्थानीय किसानों के साथ मिलकर गेहूं, चना और दालों की खेती भी करते थे। यहां पैदा होने वाली फसल को बाजार में बेचकर मिलने वाली पूरी रकम वह किसानों और मजदूरों में बांट दिया करते थे।
पुणे के लॉ कॉलेज रोड पर भी मकान
पुणे शहर में काम के सिलसिले में रुकने के लिए नाना पाटेकर के पास लॉ कॉलेज रोड इलाके में भी एक मकान बताया जाता है। यह पुणे के प्रतिष्ठित और शांत इलाकों में शामिल है और शहर में रहने के दौरान वह इसका इस्तेमाल करते थे।
गोवा के डोना पाउला में फ्लैट
महाराष्ट्र के अलावा नाना पाटेकर का गोवा से भी जुड़ाव रहा। गोवा के डोना पाउला इलाके में उनका एक फ्लैट बताया जाता है। मुंबई के साधारण फ्लैट और पुणे के फार्महाउस से अलग इस घर को आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया गया है।
नाना पाटेकर यहां शांति से समय बिताने और छुट्टियां मनाने के लिए आते थे। इस तरह मुंबई, पुणे, गोवा और अपने पैतृक शहर मुरुड-जंजीरा से जुड़े इन ठिकानों के बावजूद नाना पाटेकर की पहचान हमेशा उनकी सादगी और जमीन से जुड़े जीवन के लिए रही।