प्रार्थना सभा में राजपाल यादव के साथ बदसलूकी का दावा निकला झूठा, जानें वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई

सोशल मीडिया पर वायरल अधूरी क्लिप के जरिए राजपाल यादव को लेकर गलत दावा किया गया। मौके पर मौजूद वीडियो जर्नलिस्ट सुधीर जेना ने बताया कि प्रार्थना सभा में असल में क्या हुआ था।

Knews Desk – सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी वीडियो की अधूरी क्लिप काटकर किसी कलाकार की छवि को किस तरह धूमिल किया जा सकता है, इसका ताजा शिकार बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव बने हैं। दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान के निधन के बाद मुंबई में आयोजित प्रार्थना सभा से राजपाल यादव का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ। वीडियो को इस भ्रामक और सनसनीखेज दावे के साथ फैलाया गया कि राजपाल यादव के साथ बदसलूकी हुई और उन्हें आयोजन से बाहर निकाल दिया गया।

वायरल वीडियो में बैकग्राउंड से एक महिला की गुस्से भरी आवाज सुनाई देती है, “आपको अब बाहर भेजा जाएगा। हमने समझाया आपको, आप क्यों ऐसे कर रहे हो? ये कोई जगह है सेल्फी लेने की?”

इसी अधूरी क्लिप के आधार पर सोशल मीडिया पर राजपाल यादव के अपमान की कहानियां गढ़ी जाने लगीं। हालांकि, मौके पर मौजूद वीडियो जर्नलिस्ट और पैपराजी सुधीर जेना ने इस वायरल दावे की असलियत बताई। सुधीर जेना ने TV9 हिंदी डिजिटल के साथ बातचीत में बताया कि हकीकत इंटरनेट पर चल रहे दावों से बिल्कुल अलग थी।

प्रेयर मीट में क्या हुआ था?

सुधीर जेना के मुताबिक, राजपाल यादव के साथ किसी तरह की कोई बदसलूकी नहीं हुई थी। असल में जब राजपाल यादव प्रार्थना सभा से बाहर निकल रहे थे, तो एक अनजान शख्स और फैन माहौल की गंभीरता, गम और मर्यादा को नजरअंदाज करते हुए उनके बेहद करीब पहुंच गया और जबरन सेल्फी लेने की जिद करने लगा।

सिर्फ राजपाल यादव ही नहीं, वहां मौजूद कई अन्य सेलिब्रिटीज ने भी उस शख्स की इस असंवेदनशील हरकत पर आपत्ति जताई थी। इसी बात पर वहां मौजूद आयोजकों और एक महिला का गुस्सा फूटा और उन्होंने उस शख्स को वहां से बाहर जाने को कहा।

बाहर खड़े मीडिया के लोगों ने भी उस शख्स को फटकार लगाई और सवाल किया कि क्या यह फोटो खिंचवाने की जगह है। इसके बाद वह शख्स शर्मिंदा होकर अपना फोन जेब में रखकर वहां से चला गया।

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वहीं, राजपाल यादव ने शालीनता से मीडिया के सामने मुश्ताक खान को श्रद्धांजलि दी और वहां से रवाना हो गए। यानी वायरल वीडियो में जिस तरह राजपाल यादव के साथ बदसलूकी किए जाने और उन्हें बाहर निकाले जाने का दावा किया जा रहा था, वह दावा अधूरी क्लिप पर आधारित था।

पहले भी शिकार हो चुके हैं कई सितारे

किसी की अंतिम यात्रा या प्रार्थना सभा में पहुंचकर स्टार्स के साथ सेल्फी और ऑटोग्राफ की जिद करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जहां सितारों ने फैंस और कैमरा लेकर पहुंचे लोगों की संवेदनहीनता पर नाराजगी जताई है।

सीनियर एक्ट्रेस जया बच्चन कई मौकों पर फ्यूनरल और प्रेयर मीट में फैंस व कैमरामैन की संवेदनहीनता पर सरेआम नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। एक प्रार्थना सभा के दौरान जब कुछ लोग उनके करीब आकर तस्वीरें खींचने लगे थे, तब उन्होंने भी इस तरह की हरकत पर सवाल उठाया था।

कुछ महीने पहले जब मलाइका अरोड़ा के पिता का निधन हुआ था, तब शोक जताने पहुंचे कई सितारों के बिल्कुल करीब जाकर लोग सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना की सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों ने आलोचना की थी।

कुछ साल पहले राज कपूर की बेटी रितु नंदा की शोक सभा के दौरान भी कुछ लोग ऋषि कपूर और रणधीर कपूर के साथ तस्वीरें खिंचवाने लगे थे। तब बबिता कपूर ने हाथ जोड़कर लोगों को शोक सभा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी थी।

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